दिल्ली-एनसीआर

Jan Suraaj को झटका, थलपति विजय की पार्टी में बढ़ी कलह

Ratna Netam
18 July 2026 8:05 PM IST
Jan Suraaj  को झटका, थलपति विजय की पार्टी में बढ़ी कलह
x

New Delhi नई दिल्ली : देश की राजनीति में शनिवार को कई बड़े घटनाक्रम सामने आए। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को लगातार झटकों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलझा वेत्री कड़गम (TVK) में भी अंदरूनी विवाद उभरकर सामने आया है। इसके अलावा सोनम वांगचुक के अनशन को समाजसेवी अन्ना हजारे का समर्थन मिला है, जबकि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आंदोलन को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान पर सवाल उठाए हैं।

जन सुराज में नेताओं का पार्टी छोड़ना जारी

बिहार की राजनीति में नई उम्मीद के साथ कदम रखने वाली प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका लगा है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले पार्टी के कई नेताओं ने भाजपा का रुख कर लिया है। शनिवार को तीन और नेताओं ने जन सुराज का साथ छोड़ते हुए भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं में रूबी गुप्ता, रूबी सिंह और अविनाश प्रताप रूडी का नाम शामिल है। इससे पहले भी जन सुराज के कई नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। नेताओं के लगातार पलायन से प्रशांत किशोर की पार्टी के सामने संगठन को मजबूत बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।

जन सुराज पार्टी को बिहार में एक नए राजनीतिक विकल्प के तौर पर पेश किया गया था। प्रशांत किशोर लगातार राज्य की राजनीति में बदलाव और नई व्यवस्था की बात करते रहे हैं, लेकिन चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही पार्टी के भीतर नेताओं का जाना उनके अभियान के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।

TVK में भी बढ़ी अंदरूनी कलह

तमिलनाडु में सत्ता संभालने वाली थलपति विजय की पार्टी तमिलझा वेत्री कड़गम (TVK) भी विवादों से घिर गई है। पार्टी की एक महिला पदाधिकारी ने कुछ नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और इस मामले को लेकर मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

इसके बाद पार्टी ने कार्रवाई करते हुए महिला पदाधिकारी एम. ज्ञानसौंदरी की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी। TVK नेताओं का आरोप है कि उन्होंने विपक्षी दलों के साथ मिलकर पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश की। पार्टी ने अपने अन्य नेताओं को भी उनसे संपर्क नहीं रखने की सलाह दी है।

विजय की पार्टी ने हाल ही में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान शुरू किया था। ऐसे समय में पार्टी के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगना और फिर संगठनात्मक कार्रवाई होना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

सोनम वांगचुक को मिला अन्ना हजारे का समर्थन

लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के अनशन को समाजसेवी अन्ना हजारे का समर्थन मिला है। वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे।

अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर गई। अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार को सोनम वांगचुक के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए और उनसे बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।

बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद भी वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखा है। उनके समर्थक भी लगातार उनकी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं।

POK के हालात पर पाकिस्तान को UN की फटकार

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे आंदोलन और वहां हुई हिंसा को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टुर्क ने पाकिस्तान से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग और मानवाधिकारों के उल्लंघन की घटनाओं की जांच जरूरी है। POK में जारी तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की आलोचना बढ़ती जा रही है।

इन सभी घटनाक्रमों ने शनिवार को देश और दुनिया की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। जहां नई राजनीतिक पार्टियां संगठनात्मक चुनौतियों से जूझ रही हैं, वहीं बड़े मुद्दों पर सरकारों और नेताओं के बीच टकराव भी जारी है।

Next Story