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टेलीकॉम सेक्टर में सरकार की बदली भूमिका सिंधिया का बयान

Ratna Netam
8 Oct 2026 4:53 PM IST
टेलीकॉम सेक्टर में सरकार की बदली भूमिका सिंधिया का बयान
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नई दिल्ली। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को कहा कि देश के दूरसंचार क्षेत्र में सरकार की भूमिका तेजी से बदल रही है। सरकार अब केवल नियामक के तौर पर काम करने के बजाय सुविधाएं उपलब्ध कराने और उद्योग के विकास में सहयोग देने वाली भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम क्षेत्र की सफलता किसी एक कंपनी या संस्था पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इससे जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों से ही इस क्षेत्र को आगे बढ़ाया जा सकता है। सिंधिया ने यह बात नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के दौरान कही। इस अवसर पर उन्होंने एयरटेल एरिना का दौरा किया और दूरसंचार क्षेत्र में विकसित की जा रही नई तकनीकों तथा डिजिटल सेवाओं की जानकारी ली।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता टेलीकॉम इकोसिस्टम से जुड़े सभी भागीदारों के साथ मिलकर काम करने की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को केवल नियम बनाने वाली संस्था के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उसे उद्योग के विकास में सहयोग करने वाली संस्था के रूप में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। इसके लिए नेटवर्क उपकरण बनाने वाली कंपनियों, ऑप्टिकल फाइबर निर्माताओं, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, इंटरनेट सेवा कंपनियों तथा डिजिटल एप्लीकेशन और प्लेटफॉर्म विकसित करने वाली संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है।
सिंधिया ने कहा कि टेलीकॉम क्षेत्र एक व्यापक व्यवस्था है, जिसमें कई अलग-अलग स्तरों पर कंपनियां और संस्थाएं काम करती हैं। नेटवर्क के निर्माण से लेकर डिजिटल सेवाओं को अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचाने में अनेक भागीदारों की भूमिका होती है। ऐसे में किसी एक हिस्से की सफलता को पूरे क्षेत्र की सफलता नहीं माना जा सकता। उन्होंने सभी हितधारकों के संयुक्त विकास और साझा प्रयासों को महत्व देने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एयरटेल एरिना का दौरा किया। यहां भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने उन्हें कंपनी की विभिन्न डिजिटल सेवाओं और तकनीकी क्षमताओं की जानकारी दी। इस दौरान एयरटेल के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा से जुड़ी पेशकशों को प्रदर्शित किया गया। कंपनी ने बताया कि वह डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और उद्यमों को आधुनिक तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
एयरटेल एरिना में कंपनी की सॉवरेन क्लाउड सेवा को भी प्रदर्शित किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य भारतीय कंपनियों और संस्थानों को देश के भीतर डेटा संग्रहण और प्रबंधन की सुविधाएं उपलब्ध कराना है। एयरटेल ने बताया कि उसका क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर विभिन्न उपलब्धता क्षेत्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाओं को संचालित रखने और डेटा से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।इसके अतिरिक्त कंपनी की नेक्स्ट्रा डेटा सेंटर सेवाओं के बारे में भी केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी गई। आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था में डेटा सेंटर की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऑनलाइन सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों के संचालन के लिए मजबूत डेटा सेंटर नेटवर्क की आवश्यकता होती है। एयरटेल ने इस क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमताओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की।
कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित साइबर सुरक्षा समाधान भी प्रदर्शित किए। इनमें एयरटेल का इंटेलिजेंट सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर शामिल है, जिसे डिजिटल खतरों की निगरानी और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह व्यवस्था विभिन्न स्तरों पर सुरक्षा उपलब्ध कराने और साइबर खतरों की पहचान करने में मदद करती है।इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि सम्मेलन केंद्र में किया जा रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम 'स्केल विदाउट बाउंड्रीज' रखी गई है। इसका उद्देश्य दूरसंचार, डिजिटल कनेक्टिविटी और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को प्रदर्शित करना है। कार्यक्रम का आयोजन दूरसंचार विभाग और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।
इस आयोजन में 5जी, 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कम्युनिकेशन और अगली पीढ़ी के डिजिटल नेटवर्क जैसी तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में दूरसंचार कंपनियों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप, निवेशकों और नीति निर्माताओं की भागीदारी रखी गई है। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग और नवाचार के लिए अवसर तैयार करना है।केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इससे पहले भी भारत की दूरसंचार क्षमताओं को बढ़ाने और अगली पीढ़ी की तकनीकों के विकास पर जोर दिया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान उन्होंने भारत में 5जी सेवाओं के विस्तार और भविष्य में 6जी तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने की महत्वाकांक्षा का उल्लेख किया। उन्होंने वर्ष 2030 तक देश में 5जी उपयोगकर्ताओं की संख्या एक अरब तक पहुंचाने का लक्ष्य भी सामने रखा।
सरकार की बदलती भूमिका पर सिंधिया का बयान ऐसे समय आया है, जब दूरसंचार क्षेत्र केवल मोबाइल कॉल और इंटरनेट सेवाओं तक सीमित नहीं रह गया है। क्लाउड सेवाएं, डेटा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल एप्लीकेशन और आधुनिक नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर भी इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में सरकार, उद्योग और तकनीकी संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बढ़ गई है।सिंधिया ने स्पष्ट किया कि दूरसंचार क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने नेटवर्क उपकरण निर्माताओं से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों तक सभी भागीदारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि सरकार को ऐसी व्यवस्था तैयार करने में सहयोग करना चाहिए, जिससे उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारक मिलकर प्रगति कर सकें।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में सिंधिया का यह बयान सरकार और दूरसंचार उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने की नीति पर जोर देता है। एयरटेल एरिना में नई तकनीकों के प्रदर्शन और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने डिजिटल बुनियादी ढांचे, तकनीकी नवाचार और साझा विकास की आवश्यकता को प्रमुखता दी। उन्होंने दोहराया कि टेलीकॉम इकोसिस्टम की वास्तविक सफलता सभी भागीदारों की संयुक्त सफलता से ही सुनिश्चित हो सकती है।
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