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'वोट बचाओ, देश बचाओ', शशि थरूर ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

Ratna Netam
29 Oct 2026 9:48 PM IST
वोट बचाओ, देश बचाओ, शशि थरूर ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
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नई दिल्ली : 29 अक्टूबर 2026। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को देशवासियों से 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली में शामिल होने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'चलो दिल्ली, वोट बचाओ, देश बचाओ' का नारा देते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। थरूर ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इसकी रक्षा के लिए नागरिकों को जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं भी इस रैली में शामिल होंगे।
शशि थरूर ने देशवासियों से की बड़ी अपील
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने सोशल मीडिया संदेश में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंकाओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश की चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठने की स्थिति में नागरिकों को जवाब मांगने का लोकतांत्रिक अधिकार है।थरूर ने दावा किया कि देशभर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाने की आशंका से संबंधित रिपोर्ट सामने आई हैं। हालांकि, यह आंकड़ा संभावित नाम हटने से जुड़ा दावा है और इसे वास्तव में हटाए गए मतदाताओं की प्रमाणित संख्या नहीं माना जा सकता।उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब पारदर्शी तरीके से मिलना चाहिए। थरूर के अनुसार, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संस्थाओं की जवाबदेही आवश्यक है।कांग्रेस नेता ने जनता से अपील की कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाएं।
'लोकतंत्र की बुनियाद पर सवाल उठ रहे हैं'
शशि थरूर ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले नागरिकों को कई अवसरों पर पुलिस बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और हिरासत जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है।थरूर ने कहा कि ऐसी घटनाओं से नागरिकों को डरना या चुप नहीं होना चाहिए। उन्होंने मतदान के संवैधानिक अधिकार को लोकतंत्र का आधार बताते हुए इसकी सुरक्षा पर जोर दिया।कांग्रेस सांसद ने अपने संदेश में राहुल गांधी की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष चुनावी व्यवस्था से जुड़े सवालों पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी महारैली
INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली आयोजित करने की घोषणा की है।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष की आपत्तियां सामने रखना और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना है।रैली में कांग्रेस सहित विपक्षी गठबंधन के विभिन्न दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पार्टी इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां कर रही है।उन्होंने करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने का लक्ष्य बताया है। हालांकि, वास्तविक उपस्थिति रैली आयोजित होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
महारैली का एक प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है।कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और इससे पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।विपक्षी नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तत्काल रोकने की भी मांग की है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 26 अक्टूबर को एक बयान में कहा था कि मतदाता सूची से संबंधित कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष गंभीर है।हालांकि, निर्वाचन आयोग ने एसआईआर को कानूनी प्रक्रिया बताया है और मतदाता सूचियों की शुद्धता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। विपक्ष के आरोपों को अभी किसी अंतिम न्यायिक निर्णय में सिद्ध नहीं किया गया है।
राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से भी की अपील
शशि थरूर से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी देश के विभिन्न वर्गों से रैली में शामिल होने की अपील की थी।राहुल गांधी ने छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मताधिकार से जुड़े मुद्दे केवल किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं।उन्होंने 29 अक्टूबर को जारी वीडियो संदेश में रैली को संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा अभियान बताया।राहुल गांधी ने विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े छात्र संगठनों को भी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है।
दिल्ली पुलिस ने शर्तों के साथ दी अनुमति
दिल्ली पुलिस ने INDIA गठबंधन को रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली आयोजित करने की अनुमति दे दी है।पुलिस की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र में कार्यक्रम को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित करने की अनुमति दी गई है।इसके साथ आयोजनकर्ताओं को 13 शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।इनमें कानून-व्यवस्था बनाए रखना, हिंसा या भड़काऊ भाषणों से बचना और निर्धारित समय पर कार्यक्रम समाप्त करना शामिल है।रैली में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होंगी। आयोजकों को संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
व्यापारियों ने रैली की तारीख बदलने की मांग की
इस बीच दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने 1 नवंबर को आयोजित होने वाली रैली की तारीख को लेकर चिंता जताई है।चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री सहित कई व्यापारिक प्रतिनिधियों ने कांग्रेस नेतृत्व से अपील की है कि कार्यक्रम को दिवाली के बाद आयोजित किया जाए।व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी खरीदारी के दौरान रामलीला मैदान के आसपास यातायात प्रतिबंध लगने से चांदनी चौक, सदर बाजार और अन्य प्रमुख बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है।संगठन ने 10 नवंबर के बाद रैली आयोजित करने का सुझाव दिया है।हालांकि, 29 अक्टूबर तक कांग्रेस नेतृत्व की ओर से रैली की तारीख में बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
भाजपा ने विपक्ष के आरोपों का किया विरोध
INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है।भाजपा ने विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया पर लगाए जा रहे आरोपों का विरोध किया है।भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के अभियान को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है। पार्टी का तर्क है कि मतदाता सूची का सत्यापन चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने की प्रक्रिया का हिस्सा है।दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से नहीं हटाया जाना चाहिए।इस तरह मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
रैली से पहले विपक्ष ने तेज की तैयारियां
रैली से पहले कांग्रेस और उसके सहयोगी दल विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक तैयारियां कर रहे हैं।उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों के नेताओं के साथ बैठकों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी और दिल्ली पहुंचने की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई है।कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रैली की तैयारियों की समीक्षा की थी।INDIA गठबंधन इस कार्यक्रम के माध्यम से चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार से जुड़े अपने मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहता है।अब 1 नवंबर की रैली पर राजनीतिक दलों के साथ निर्वाचन आयोग और आम नागरिकों की भी नजर रहेगी।शशि थरूर की अपील ने इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के अभियान को नया राजनीतिक संदेश दिया है। हालांकि, रैली के बाद विपक्ष की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाएगा, यह संबंधित संवैधानिक संस्थाओं और आगे की राजनीतिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
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