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दिल्ली-एनसीआर
राहुल प्रियंका से गृह मंत्रालय के संपर्क की खबर फर्जी PIB ने किया खंडन
Ratna Netam
6 Oct 2026 7:42 PM IST

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नई दिल्ली। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर वायरल उन दावों को गलत और भ्रामक बताया है, जिनमें कहा जा रहा था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से संपर्क किया है। ये दावे उस समय सामने आए, जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।PIB फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में लोगों से अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करने की अपील की। यूनिट ने कहा कि संवेदनशील और राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़ी जानकारी के लिए केवल प्रमाणित और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए। PIB की ओर से स्पष्ट किया गया कि गृह मंत्रालय द्वारा कांग्रेस नेताओं से संपर्क किए जाने संबंधी वायरल दावा सही नहीं है।
सोशल मीडिया पर कुछ पोस्टों में यह दावा किया गया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से संपर्क कर जारी गतिरोध खत्म करने की कोशिश की। इन पोस्टों में यह भी कहा गया कि कांग्रेस नेताओं ने कथित तौर पर अधिकारियों से कहा कि वे तब तक अपना विरोध जारी रखेंगे, जब तक उन्हें चुनाव आयुक्तों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती। हालांकि PIB फैक्ट चेक ने इस दावे को भ्रामक बताया है।यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विपक्षी विरोध के बीच सामने आया है। मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत INDIA ब्लॉक के कई नेताओं ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। विपक्षी नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध दर्ज कराया।
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता मंगलवार को संसद परिसर से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च में भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई नेताओं को रोका और हिरासत में लिया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। राहुल गांधी के बैरिकेड पर चढ़ने और तिरंगा लहराने की तस्वीरें भी सामने आईं।विपक्षी दलों का कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और मतदाता पंजीकरण से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर गंभीर सवाल हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव आयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
इसी राजनीतिक माहौल के बीच सोशल मीडिया पर गृह मंत्रालय और कांग्रेस नेताओं के बीच कथित बातचीत की कहानी तेजी से फैलने लगी। वायरल पोस्टों ने यह धारणा बनाने की कोशिश की कि सरकार ने पर्दे के पीछे कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क कर प्रदर्शन खत्म कराने का प्रयास किया है। PIB फैक्ट चेक के खंडन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि कम से कम इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं है और इसे सही सूचना के रूप में साझा नहीं किया जाना चाहिए।PIB फैक्ट चेक यूनिट केंद्र सरकार से संबंधित वायरल दावों, फर्जी आदेशों, भ्रामक संदेशों और अपुष्ट सूचनाओं की जांच करती है। यह यूनिट सोशल मीडिया पर प्रसारित ऐसे कंटेंट की पहचान करती है, जिसमें सरकारी मंत्रालयों, योजनाओं, आदेशों या फैसलों को लेकर गलत जानकारी फैलने की आशंका हो। इस मामले में भी यूनिट ने लोगों से सतर्क रहने को कहा।
फैक्ट चेक यूनिट का संदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव आयोग, SIR और विपक्षी विरोध से जुड़ा मुद्दा इस समय राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे समय में बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी मंत्रालय, राजनीतिक दल या नेता से जुड़ी बातचीत का दावा तेजी से भ्रम पैदा कर सकता है।दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस और विपक्ष के बीच भी तनाव बना हुआ है। चुनाव आयोग की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस के लिए भीड़ को नियंत्रित करना चुनौती बना रहा और अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शनों के कारण मध्य दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई।
INDIA ब्लॉक के नेताओं ने SIR को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। प्रदर्शन में कांग्रेस के अलावा अन्य विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हुए। इस दौरान BJD के कुछ प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी चर्चा में रही।हालांकि गृह मंत्रालय द्वारा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से कथित संपर्क को लेकर वायरल किए जा रहे दावे को PIB फैक्ट चेक ने सही नहीं माना है। ऐसे में सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को इस तरह की पोस्ट आगे साझा करने से पहले आधिकारिक पुष्टि देखनी चाहिए।
PIB फैक्ट चेक ने अपने संदेश में लोगों से कहा कि गुमराह करने वाले दावों या बिना पुष्टि वाली जानकारी पर विश्वास न करें और केवल प्रमाणित स्रोतों से मिली जानकारी को ही सही मानें। राजनीतिक घटनाक्रम के बीच यह अपील फर्जी और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।फिलहाल चुनाव आयोग, SIR और विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं। लेकिन गृह मंत्रालय और कांग्रेस नेताओं के बीच कथित बातचीत से जुड़ा वायरल दावा आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया गया है। ऐसे में इस मामले में किसी भी नई जानकारी के लिए सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि जरूरी होगी।
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