छत्तीसगढ़

सिंगापुर दौरे में छत्तीसगढ़ को ₹350 करोड़ का नया निवेश, स्किलिंग के लिए ITE से MoU

Shantanu Roy
6 Oct 2026 7:21 PM IST
सिंगापुर दौरे में छत्तीसगढ़ को ₹350 करोड़ का नया निवेश, स्किलिंग के लिए ITE से MoU
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छग
Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सिंगापुर दौरे के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास और कृषि प्रसंस्करण के क्षेत्र में दो अहम उपलब्धियां हासिल कीं। राज्य सरकार ने तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर की ITE एजुकेशन सर्विसेज के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। वहीं सिंगापुर मुख्यालय वाली वैलेंसी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ में एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में ₹350 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है।
इस नए प्रस्ताव के बाद सिंगापुर दौरे से जुड़े कुल विदेशी निवेश प्रतिबद्धताओं का आंकड़ा ₹43,600 करोड़ तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। इससे एक दिन पहले SING Forum 2026 में छत्तीसगढ़ के लिए ₹43,250 करोड़ के निवेश प्रस्तावों की घोषणा हुई थी, जिसमें ₹41,750 करोड़ का AI-रेडी डेटा सेंटर प्रोजेक्ट और ₹1,500 करोड़ का ग्रीन एनर्जी निवेश शामिल था। छत्तीसगढ़ की भागीदारी पहले ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम 2026’ में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन पर हुई। यह फोरम भारत और सिंगापुर के बीच निवेश और कारोबारी सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। सिंगापुर सरकार ने भी इसे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने वाला मंच बताया है।
राज्य के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने ITE एजुकेशन सर्विसेज के साथ MoU किया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए इस समझौते के जरिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर के एक ITE कॉलेज का दौरा कर वहां के इंडस्ट्री-लिंक्ड स्किलिंग मॉडल को भी समझा। इस मॉडल में Cisco, BYD और सिंगापुर एयरलाइंस जैसी कंपनियां पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और उपकरणों से संबंधित जरूरतों के लिए शिक्षण संस्थानों के साथ साझेदारी करती हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य इसी मॉडल का उपयोग कर उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करना, प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि निवेश के साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित युवा उपलब्ध कराने की दिशा में यह साझेदारी महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वैलेंसी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में ₹350 करोड़ का निवेश करने का प्रस्ताव दिया। यह कंपनी 22 देशों में काम करने वाला एक वैश्विक एग्रीबिजनेस समूह है। प्रस्ताव के तहत राज्य में एक इंटीग्रेटेड एग्रो, फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब स्थापित किया जाएगा।
इस हब में काजू, तिल, दाल और मूंगफली की प्रोसेसिंग की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि इससे किसानों को नए बाजार मिलेंगे, कृषि उत्पादों की वैल्यू राज्य के भीतर बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की। बैठक में निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और तकनीक के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ और सिंगापुर के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई। दौरे के दौरान आयोजित CEO राउंडटेबल में मुख्यमंत्री ने TCS, SMBC, टोलाराम ग्रुप, एग्रोकॉर्प, इंडियन ओशन ग्रुप और ब्लू एक्वा सहित 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इसमें टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, एग्री-बिजनेस, एक्वाकल्चर और फूड सेक्टर में संभावित निवेश और साझेदारी पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इस दौरान राज्य के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल फाइनेंस में प्रशिक्षण देने, स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने और उभरती तकनीकों के लिए टेक लैब विकसित करने जैसी संभावनाओं पर बातचीत हुई। सिंगापुर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य को खनिज और पारंपरिक उद्योगों के साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और तकनीक आधारित उद्योगों के लिए भी निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया। SING Forum में इससे पहले राज्य को ₹43,250 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इन बैठकों और समझौतों के साथ मुख्यमंत्री का सिंगापुर दौरा संपन्न हुआ। प्रतिनिधिमंडल 7 अक्टूबर को रायपुर लौटेगा।
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