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Rajnath Singh : ऑपरेशन सिंदूर के बाद ‘मेड-इन-इंडिया’ डिफेंस प्लेटफॉर्म पर बढ़ा भरोसा

Kavita2
4 July 2026 4:44 PM IST
Rajnath Singh : ऑपरेशन सिंदूर के बाद ‘मेड-इन-इंडिया’ डिफेंस प्लेटफॉर्म पर बढ़ा भरोसा
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New Delhi नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश में ‘मेड-इन-इंडिया’ डिफेंस प्लेटफॉर्म पर भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और घरेलू रक्षा उद्योग की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत का रक्षा उत्पादन कई गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश का कुल रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जो पहले की तुलना में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है।

राजनाथ सिंह ने बताया कि लगभग 8 से 9 साल पहले देश का रक्षा उत्पादन करीब 46,000 करोड़ रुपये के आसपास था। उन्होंने कहा कि इस अवधि में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति भारत की नीतियों, निजी क्षेत्र की भागीदारी और स्वदेशी निर्माण पर बढ़ते फोकस का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय रक्षा प्रणालियों और स्वदेशी प्लेटफॉर्म की क्षमता पर जनता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसा और बढ़ा है। मंत्री के अनुसार, यह बदलाव भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।

रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का उपभोक्ता नहीं बल्कि एक प्रमुख निर्माता देश बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों ने रक्षा क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है।

उन्होंने आगे कहा कि देश में रक्षा उत्पादन का विस्तार न केवल सुरक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है, बल्कि रोजगार सृजन और तकनीकी विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

राजनाथ सिंह के अनुसार, भारतीय उद्योग अब आधुनिक तकनीक और उन्नत सिस्टम के निर्माण में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाए।

उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से नवाचार को बढ़ावा मिला है और उत्पादन क्षमता में तेजी आई है। इसके साथ ही अनुसंधान और विकास (R&D) पर भी अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि भारत आने वाले वर्षों में न केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि रक्षा उपकरणों के निर्यात में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कुल मिलाकर, राजनाथ सिंह के बयान ने यह स्पष्ट किया कि भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और स्वदेशी उत्पादन अब देश की रणनीतिक ताकत का अहम हिस्सा बन चुका है।

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