दिल्ली-एनसीआर

CEC विरोध के दौरान राहुल-प्रियंका हिरासत में

Ratna Netam
6 Oct 2026 8:57 PM IST
CEC विरोध के दौरान राहुल-प्रियंका हिरासत में
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं को आकाशवाणी भवन परिसर से हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब विपक्षी नेता चुनाव आयोग की ओर मार्च रोक दिए जाने के बाद आकाशवाणी भवन के पास धरने पर बैठ गए थे।विपक्षी दलों का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों के विरोध में आयोजित किया गया था। INDIA ब्लॉक के कई सांसद और नेता संसद परिसर से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस कार्रवाई के बाद भी विरोध जारी रखा। दोनों नेता कुछ अन्य कांग्रेस सांसदों और नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन परिसर पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। उनके साथ कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल, दीपेंद्र हुड्डा और पवन खेड़ा समेत अन्य नेता भी मौजूद रहे। धरना चुनाव आयोग कार्यालय से कुछ ही दूरी पर जारी रहा।दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। पुलिस के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी तैनात किए गए। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए और यातायात को भी डायवर्ट किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कई स्थानों पर नारेबाजी और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी एक पुलिस बैरिकेड पर चढ़ते भी दिखाई दिए। उन्होंने तिरंगा लहराया और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की मांगों को दोहराया। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो दिनभर सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर चर्चा में रहे। बाद में पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया।INDIA ब्लॉक के नेताओं का कहना है कि उनकी मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात और SIR से जुड़े सवालों पर जवाब हासिल करना है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को नियमों के तहत की जाने वाली प्रक्रिया बताता है।
आकाशवाणी भवन पर धरने के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नेताओं से परिसर खाली करने की अपील की। कांग्रेस नेताओं ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें या तो प्रदर्शन के लिए स्थान दिया जाए या चुनाव आयोग कार्यालय तक जाने की अनुमति दी जाए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद गतिरोध खत्म नहीं हुआ।दिनभर चले प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। राहुल और प्रियंका के अलावा कई अन्य विपक्षी सांसदों और नेताओं को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इनमें समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और अभिषेक बनर्जी समेत अन्य नेताओं के नाम सामने आए।
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाई गई। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। ये आरोप राजनीतिक दावे हैं और चुनाव आयोग ने विपक्ष के कई आरोपों से असहमति जताई है।इस बीच चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों की ओर से यह भी कहा गया कि किसी राजनीतिक दल की तरफ से औपचारिक मुलाकात का अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था। यह बयान उस समय सामने आया जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे थे और चुनाव आयोग से मिलने की मांग कर रहे थे।
विरोध प्रदर्शन के चलते मध्य दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ानी पड़ी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के कारण संसद मार्ग और आसपास यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने भीड़ को चुनाव आयोग कार्यालय के आसपास पहुंचने से रोकने के लिए कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी।इस प्रदर्शन ने SIR और चुनाव आयोग को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि वह मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर आंदोलन कर रहा है। दूसरी ओर भाजपा और उसके कई नेताओं ने विपक्ष के आंदोलन की आलोचना करते हुए चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को राजनीतिक विवाद में खींचने का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी कई जगह विरोध दर्ज कराया। भारतीय युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे और उनमें से कई को पुलिस ने हिरासत में लिया।फिलहाल दिल्ली में मंगलवार का घटनाक्रम चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव का नया अध्याय बन गया है। विपक्ष ने संकेत दिया है कि SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा। वहीं प्रशासन का जोर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करने पर है।
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