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GSMA बोर्ड से पीएम मोदी की बातचीत

SHIDDHANT
6 Oct 2026 8:48 PM IST
GSMA बोर्ड से पीएम मोदी की बातचीत
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Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने GSMA बोर्ड के साथ बातचीत में डिजिटल टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल डिजिटल एक्सेस से जुड़े कई अहम मुद्दों पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बातचीत के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी साझा की। पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि डिजिटल साधन केवल बड़े शहरों या विकसित अर्थव्यवस्थाओं तक सीमित न रहें, बल्कि आम लोगों और दूरदराज क्षेत्रों तक भी उनकी पहुंच सुनिश्चित हो।
प्रधानमंत्री ने ग्लोबल साउथ के लिए किफायती डिजिटल एक्सेस की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक तभी व्यापक बदलाव ला सकती है, जब उसकी पहुंच सस्ती और समावेशी हो। विकासशील देशों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए लागत कम रखना महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर यानी DPI को “फोर्स मल्टीप्लायर” के रूप में रेखांकित किया। उनका कहना था कि मजबूत डिजिटल सार्वजनिक ढांचा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, शासन को बेहतर बनाने और नई आर्थिक संभावनाओं को खोलने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर भी प्रधानमंत्री ने चिंता जताई और टेक्नोलॉजी आधारित समाधान विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए वैश्विक मानकों की आवश्यकता पर भी पीएम मोदी ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के विकास के साथ ऐसे साझा मानक होने चाहिए, जो भरोसा, सुरक्षा और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित कर सकें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार सामग्री और डीपफेक की पहचान को लेकर भी प्रधानमंत्री ने स्पष्ट व्यवस्था की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि AI-जनरेटेड और डीपफेक कंटेंट की स्पष्ट पहचान होना जरूरी है, ताकि गलत सूचना और डिजिटल धोखाधड़ी के जोखिम को कम किया जा सके। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल भविष्य का उद्देश्य अवसरों का विस्तार करना होना चाहिए, लेकिन इसके साथ भरोसे को भी मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने टेक्नोलॉजी को विकास, समावेशन और सुरक्षा के संतुलन के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।
GSMA बोर्ड के साथ यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब दुनियाभर में AI, साइबर सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस को लेकर नए मानकों पर चर्चा तेज है। भारत भी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक आधारित सार्वजनिक सेवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रमुख मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
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