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राहुल गांधी ने मांगा जवाब नड्डा बोले जंतर मंतर पर गोली नहीं चली

Ratna Netam
10 Aug 2026 8:10 PM IST
राहुल गांधी ने मांगा जवाब नड्डा बोले जंतर मंतर पर गोली नहीं चली
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नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने घटना की जिम्मेदारी तय करने और गृह मंत्री अमित शाह से संसद में आकर पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर कोई गोली नहीं चली।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान युवाओं के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और कथित फायरिंग का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और जिस व्यक्ति ने आदेश दिया है, उसे सामने आकर देश को जवाब देना चाहिए। राहुल गांधी ने गृह मंत्री से संसद में इस पूरे घटनाक्रम पर बयान देने की मांग करते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को सदन में उठाना चाहता है।
राहुल गांधी के अनुसार विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें हैं। पहली मांग यह है कि युवाओं पर गोली चलाने के कथित आदेश की जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए। दूसरी मांग प्रधानमंत्री से घटना को लेकर माफी की है। तीसरी मांग राम मंदिर में चोरी के कथित मामले पर संसद में चर्चा कराने की है। राहुल गांधी ने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए और संसद में चर्चा होनी चाहिए।
राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा की ओर से जेपी नड्डा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कोई गोली नहीं चली है और राहुल गांधी लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे मामले पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष को भी चर्चा से भागना नहीं चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी लोकसभा में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में पूरे मामले पर विस्तार से जवाब देने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमित शाह किस दिन और किस समय सदन में बयान देंगे। रिजिजू ने विपक्ष से कहा कि सरकार चर्चा और जवाब के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को यह भरोसा देना होगा कि वह बहस के दौरान सदन से पीछे नहीं हटेगा।
रिजिजू ने विपक्ष से यह भी अपील की कि जब गृह मंत्री सदन में अपना पक्ष रखें तो उनका जवाब बिना हंगामे के सुना जाए। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा के दौरान सभी पक्षों को संसदीय मर्यादा का पालन करना चाहिए। सरकार की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिया गया कि वह जंतर-मंतर से जुड़े विवाद पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।
इधर, सोमवार को संसद की कार्यवाही के दौरान भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक हलचल बनी रही। कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी करते हुए 10 से 12 अगस्त तक सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। इससे संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में विपक्ष जंतर-मंतर के प्रदर्शन समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ सकता है।
लोकसभा में सोमवार को चार महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए गए। इनमें ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल 2026 और माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल 2026 प्रमुख रहे। ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल 2026 को लोकसभा ने बिना चर्चा के पारित कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर सामने आए आरोपों और उनके जवाब के बीच अब मामला संसद के भीतर भी राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गया है। विपक्ष घटना की जिम्मेदारी तय करने, सरकार से जवाब लेने और प्रधानमंत्री से माफी की मांग पर जोर दे रहा है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का कहना है कि गृह मंत्री संसद में सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं और विपक्ष को चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए।
ऐसे में मानसून सत्र के आगामी दिनों में जंतर-मंतर से जुड़े घटनाक्रम को लेकर सदन में हंगामा और राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि गृह मंत्री अमित शाह कब सदन में इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हैं और विपक्ष उस जवाब पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है।
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