दिल्ली-एनसीआर

झारखंड में छात्र आंदोलन पर पुलिस सख्त राहुल गांधी ने जताई आपत्ति

Ratna Netam
10 Aug 2026 8:04 PM IST
झारखंड में छात्र आंदोलन पर पुलिस सख्त राहुल गांधी ने जताई आपत्ति
x
नई दिल्ली : झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को उस समय उग्र हो गया, जब हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी विधानसभा घेराव के लिए सड़क पर उतर आए। छात्रों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगाए गए बैरिकेड्स को हटाने और तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। इस दौरान कई छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
छात्रों का यह आंदोलन झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच तेज हुआ है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित तौर पर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित परीक्षाओं में यदि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं होगी तो मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ेगा। इसी वजह से छात्र पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार करने और कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने विधानसभा के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई थी और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। हालांकि प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने पहले वॉटर कैनन का सहारा लिया। इसके बावजूद जब भीड़ पीछे नहीं हटी तो आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में घायलों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ने के बाद विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। प्रशासन की कोशिश रही कि प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के बेहद करीब न पहुंच सकें और किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
इस पूरे घटनाक्रम पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताया और कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना छात्रों का अधिकार है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि छात्रों की समस्याओं को बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए। उन्होंने झारखंड सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार है और कांग्रेस उसकी सहयोगी पार्टी है। ऐसे में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी का बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और अपने भविष्य को लेकर है।
इसी बीच परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर झारखंड पुलिस की सीआईडी की कार्रवाई का भी जिक्र सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सोमवार को जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है। यह कार्रवाई परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में बताई जा रही है। हालांकि इस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं।
छात्रों का कहना है कि केवल जांच या आश्वासन से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। वे चाहते हैं कि भर्ती परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और जहां भी अनियमितता सामने आए, वहां जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई हो। साथ ही अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा और चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
विधानसभा घेराव के दौरान हुए बल प्रयोग के बाद अब सरकार और प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर हजारों अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से सुनकर संवाद के जरिए समाधान निकालना भी जरूरी है। फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं और आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से छात्रों के साथ बातचीत और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
Next Story