दिल्ली-एनसीआर

20 दिन से सदन से गायब राहुल गांधी ने अमित शाह को घेरा

Ratna Netam
12 Aug 2026 5:18 PM IST
20 दिन से सदन से गायब  राहुल गांधी ने अमित शाह को घेरा
x
नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमित शाह पिछले करीब 20 दिनों से सदन में नहीं आए हैं और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़े सवालों का सामना करने से बच रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री का भाषण सुनने में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वह छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सीधे सवालों के जवाब चाहता है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की मांग बेहद स्पष्ट है। सरकार को यह बताना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के दौरान गोली चलाने का आदेश किसने दिया, छात्रों पर बल प्रयोग क्यों किया गया और इस पूरी कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को संसद में आकर इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी ने अमित शाह की राजनीतिक छवि पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री की छवि का "गुब्बारा फट चुका है" और उनमें संसद में आकर विपक्ष के सवालों का सामना करने का साहस नहीं बचा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि अमित शाह पिछले 20 दिनों से सदन से दूर हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहा है, लेकिन गृह मंत्री सदन में आकर जवाब देने से बच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अमित शाह के काफिले और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री के काफिले में बड़ी संख्या में गाड़ियां चलती हैं और उनके आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहता है। उन्होंने इसे गृह मंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंता से जोड़ते हुए सरकार पर राजनीतिक हमला किया।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अमित शाह से कोई लंबा भाषण नहीं चाहता। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्षी दलों की ओर से रखी गई मांग का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष केवल यह जानना चाहता है कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किसके आदेश पर छात्रों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की गई।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान कुछ छात्रों को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि एक छात्र की आंख की रोशनी चली गई और दूसरे छात्र के कान में गोली लगने की बात सामने आई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ कीलों वाली लाठियों का इस्तेमाल किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार को संसद में इसका जवाब देना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कार्रवाई का आदेश अमित शाह ने दिया था तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। वहीं यदि गृह मंत्री ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था, तो राहुल गांधी ने उनकी प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि तब भी उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस बयान के जरिए उन्होंने सीधे तौर पर गृह मंत्री के पद और पुलिस कार्रवाई के बीच जवाबदेही का सवाल खड़ा किया।
दरअसल, छात्रों से जुड़े विरोध प्रदर्शन को लेकर पिछले कुछ समय से संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि गृह मंत्री सदन में आकर छात्रों पर हुई कार्रवाई के संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करें। दूसरी ओर सरकार की ओर से कहा गया है कि वह इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।
राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि झारखंड में छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विपक्ष चुप नहीं है। भाजपा की ओर से उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को स्वीकार नहीं करने की बात सार्वजनिक रूप से कही है। राहुल गांधी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं और छात्रों के साथ हिंसा का विरोध करते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। विपक्ष जहां सीधे तौर पर छात्रों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है, वहीं सरकार चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अमित शाह संसद में कब इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हैं और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर विपक्ष के सवालों का क्या जवाब देते हैं।
Next Story