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युवाओं के भविष्य पर राष्ट्रपति मुर्मू का अहम संदेश

Ratna Netam
14 Aug 2026 7:40 PM IST
युवाओं के भविष्य पर राष्ट्रपति मुर्मू का अहम संदेश
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों की सैन्य क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ देश के दृढ़ संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने साबित किया कि भारत की सेना आतंकवादी नेटवर्क और उनके बुनियादी ढांचे के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने में पूरी तरह सक्षम है। अभियान की सफलता ने देश की रक्षा तैयारियों और रणनीतिक क्षमता पर नागरिकों का भरोसा और मजबूत किया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया और आतंक के नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया। इस दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने रणनीतिक स्पष्टता तकनीकी दक्षता और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल का परिचय दिया। अभियान ने यह संदेश दिया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक और निर्णायक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत हमेशा शांति और मानवता के मूल्यों में विश्वास करता है लेकिन आतंकवाद के सामने चुप रहना उसकी नीति नहीं हो सकती। देश किसी के खिलाफ आक्रमण की शुरुआत नहीं करना चाहता लेकिन नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई से भी नहीं हिचकेगा। भारत की यह नीति दुनिया के सामने स्पष्ट रूप से रखी गई है।
राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ मानवता की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद केवल किसी एक देश की समस्या नहीं है बल्कि यह पूरी मानवता के लिए गंभीर खतरा है। इसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर कार्रवाई करनी होगी। आतंकवाद को संरक्षण देने वाले नेटवर्क और उसके बुनियादी ढांचे को समाप्त करना वैश्विक शांति के लिए आवश्यक है।
उन्होंने अभियान के दौरान देश में दिखाई गई एकजुटता का भी उल्लेख किया। राष्ट्रपति के अनुसार आतंकवादी शक्तियों का उद्देश्य समाज को विभाजित करना और भय पैदा करना होता है लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद देशवासियों ने एकजुट होकर इसका जवाब दिया। नागरिकों राजनीतिक दलों और अलग अलग संस्थाओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर एक स्वर में भारतीय सशस्त्र बलों का समर्थन किया।
राष्ट्रपति ने बहुदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडलों की भूमिका का भी उल्लेख किया जिन्होंने विभिन्न देशों में जाकर आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष रखा। इन प्रतिनिधिमंडलों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बताया कि भारत आक्रामक देश नहीं है लेकिन अपने नागरिकों पर हमले का जवाब देने में संकोच नहीं करेगा। इससे आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति और दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर समझाने में सहायता मिली।
ऑपरेशन सिंदूर को आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता से जोड़ते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और घरेलू उत्पादन ने अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारतीय रक्षा उद्योग ने उस स्तर की क्षमता हासिल की है जिससे देश अपनी कई महत्वपूर्ण सुरक्षा आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर सकता है। स्वदेशी हथियार तकनीक और प्रणालियों ने अभियान की सफलता में अपनी उपयोगिता साबित की।
राष्ट्रपति ने थल सेना वायुसेना और नौसेना की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश की तीनों सेनाएं कठिन परिस्थितियों में भारत की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने सियाचिन बेस कैंप में तैनात जवानों के साहस सुखोई और राफेल लड़ाकू विमानों की क्षमता स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और पनडुब्बी आईएनएस वाग्शीर का उल्लेख भी किया था।
उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक अत्यंत कठिन भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। उनकी प्रतिबद्धता और बहादुरी के कारण ही देश सुरक्षित है। नागरिकों को अपनी सेनाओं की युद्धक क्षमता और रक्षा तैयारियों पर पूरा विश्वास है।
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