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दिल्ली में SIR पर सियासी घमासान जयराम रमेश ने उठाए गंभीर सवाल
Ratna Netam
19 Oct 2026 5:08 PM IST

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सोमवार, 19 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर अभियान के दौरान कई पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (ASDD) श्रेणियों में डाल दिए गए। इससे वास्तविक मतदाताओं को अपने मतदान अधिकार की सुरक्षा के लिए परेशान होना पड़ रहा है।जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि दिल्ली के दो मतदान केंद्रों से जुड़े लगभग 100 मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में ऐसी गड़बड़ियों को दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन नागरिक समाज के संगठनों को प्रभावित मतदाताओं की सहायता के लिए शिविर लगाने पड़ रहे हैं।दिल्ली के जामिया नगर और बटला हाउस क्षेत्र में आयोजित एक जनसुनवाई में भी कई मतदाताओं ने गलत तरीके से नाम हटाए जाने की शिकायत की है।
जयराम रमेश ने भाजपा पर साधा निशाना
कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए एसआईआर प्रक्रिया की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से हटाए गए अधिकांश नामों को एएसडीडी श्रेणी में रखा गया है।रमेश ने कहा कि भाजपा और उसके समर्थक इस प्रक्रिया को मतदाता सूची की सफाई बताकर उसका बचाव कर रहे हैं। कांग्रेस नेता के मुताबिक, वास्तविक समस्या तब पैदा होती है जब पात्र और जीवित मतदाताओं को भी गलत श्रेणियों में डाल दिया जाता है।उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी नागरिक का नाम गलती से मतदाता सूची से हटा दिया जाता है, तो उस त्रुटि को सुधारने की प्राथमिक जिम्मेदारी किसकी होनी चाहिए।
जीवित व्यक्ति को मृत दिखाने का मामला आया सामने
दिल्ली के बटला हाउस और जामिया नगर क्षेत्र में मतदाता सूची की जांच के दौरान कई चौंकाने वाली शिकायतें सामने आई हैं।एक जनसुनवाई में कुछ लोगों ने बताया कि उनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं, जबकि वे लंबे समय से उसी क्षेत्र में रह रहे हैं। एक महिला ने शिकायत की कि उसके जीवित पति को रिकॉर्ड में मृत दिखाया गया है।इसी तरह कुछ मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित दर्ज किया गया, जबकि उनका दावा है कि वे अपने पुराने पते पर ही रहते हैं।जनसुनवाई में लगभग 150 मतदाताओं ने भाग लिया और अपनी समस्याएं सामने रखीं।
आखिर क्या है ASDD श्रेणी?
चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में एएसडीडी का इस्तेमाल चार प्रकार की प्रविष्टियों के लिए किया जाता है।इसमें अनुपस्थित मतदाता, दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाता, मृत व्यक्ति और एक से अधिक बार दर्ज नाम शामिल होते हैं।इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाता सूची में त्रुटियां दूर करना और अपात्र या दोहराई गई प्रविष्टियों की पहचान करना है। हालांकि, यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से इन श्रेणियों में दर्ज हो जाता है, तो उसके मतदान अधिकार पर असर पड़ सकता है।दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर एएसडीडी सूची सार्वजनिक की गई है, जिससे मतदाता अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं।
चुनाव आयोग की जिम्मेदारी पर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है। उनके अनुसार, इसके लिए आम नागरिकों और स्वयंसेवी संगठनों को अतिरिक्त संघर्ष नहीं करना पड़ना चाहिए।कांग्रेस नेता ने इस बात पर आपत्ति जताई कि जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा अपना नाम शामिल कराने के लिए प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है।उन्होंने मांग की कि आयोग शिकायतों की गंभीरता से जांच करे और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित करे।
प्रभावित मतदाताओं के लिए लगाए जा रहे शिविर
दिल्ली में मतदाता सूची से बाहर रह गए पात्र लोगों की सहायता के लिए निर्वाचन अधिकारियों की ओर से भी विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।इन शिविरों में मतदाताओं को नाम शामिल कराने, गलत विवरण ठीक कराने और संबंधित आवेदन भरने में सहायता दी जा रही है।दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने अक्टूबर में विशेष अभियान चलाकर सूची से छूटे मतदाताओं की सहायता करने की जानकारी दी थी।
SIR पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पात्र नागरिकों के नाम हटने से लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सटीक और त्रुटिरहित बनाना इस अभियान का उद्देश्य है। आयोग ने पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल करने के लिए आवेदन और शिकायत निवारण की व्यवस्था भी की है।फिलहाल दिल्ली में सामने आई शिकायतों ने एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर बहस तेज कर दी है। हालांकि, लगभग 100 नाम गलत तरीके से हटाए जाने के आरोप पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।
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