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E-20 पेट्रोल पर सियासी घमासान राहुल गांधी बोले- इसमें बड़े स्तर पर हो रहा भ्रष्टाचार
Ratna Netam
7 Aug 2026 7:20 PM IST

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नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश में इस्तेमाल हो रहे ई-20 (E-20) पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी व्यवस्था में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब तथा उनके वाहनों पर पड़ रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि वह जल्द ही इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे और इसके खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ई-20 पेट्रोल के कारण लोगों की कारें, बाइक और स्कूटर प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने यह बयान सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के माध्यम से दिया। वीडियो में वह एक कार के पास खड़े होकर ई-20 पेट्रोल से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक तकनीकी या ईंधन का विषय नहीं है, बल्कि इससे करोड़ों वाहन मालिक प्रभावित हो रहे हैं। उनके अनुसार इस पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी है और आम जनता को इसकी वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा, "आमतौर पर लोग कहते हैं कि दाल में कुछ काला है, लेकिन इस मामले में तो पूरी दाल ही काली है। यह सिर्फ किसी एक गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि पूरा घटनाक्रम गंभीर सवाल खड़े करता है। इसमें इतना भ्रष्टाचार है कि इसकी पूरी श्रृंखला दिखाई देती है।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे का गहराई से अध्ययन कर रही है और जल्द ही तथ्यों के साथ इसे जनता के बीच लेकर जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि ई-20 पेट्रोल से वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। राहुल गांधी के अनुसार, यदि किसी वाहन की तकनीक इस तरह के ईंधन के अनुरूप नहीं है, तो उसके इंजन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे वाहनों की मरम्मत का खर्च बढ़ रहा है और आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि यह मुद्दा केवल वाहन चालकों का नहीं, बल्कि देश के हर उस परिवार का है जो रोजमर्रा के आवागमन के लिए दोपहिया या चारपहिया वाहन का उपयोग करता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी इस विषय को बड़े स्तर पर उठाएगी और जनता को इसके प्रभावों के बारे में जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस संबंध में अभियान चलाया जाएगा, जिसमें लोगों से जुड़े तथ्यों और अनुभवों को भी सामने लाया जाएगा। उनका कहना था कि यदि किसी नीति से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उस पर सवाल उठाना विपक्ष की जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू होने की संभावना है। माना जा रहा है कि कांग्रेस आने वाले दिनों में ई-20 पेट्रोल को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना सकती है। पार्टी इस मुद्दे को महंगाई, आम लोगों के खर्च और उपभोक्ता हितों से जोड़कर भी उठाने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, केंद्र सरकार का कहना रहा है कि ई-20 ईंधन नीति का उद्देश्य पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। सरकार का दावा है कि चरणबद्ध तरीके से ई-20 अनुकूल वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है और वाहन निर्माताओं के साथ समन्वय कर आवश्यक तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं।
राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों पर सरकार की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, उनके बयान ने ई-20 पेट्रोल की उपयोगिता, इसके प्रभाव और इससे जुड़े तकनीकी तथा आर्थिक पहलुओं को लेकर एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर प्रस्तावित अभियान को किस रूप में आगे बढ़ाती है और सरकार इस पर क्या जवाब देती है। आने वाले दिनों में ई-20 पेट्रोल का मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन सकता है।
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