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दिल्ली-एनसीआर
दिवाली की भीड़ पर पुलिस की पैनी नजर, ड्रोन और CCTV से निगरानी तेज
Ratna Netam
3 Nov 2026 6:49 PM IST

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नई दिल्ली। दीपावली से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख बाजारों में खरीदारों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस ने विशेष कदम उठाए हैं। एशिया के प्रमुख थोक बाजारों में शामिल सदर बाजार में पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। बाजार के संवेदनशील स्थानों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से लैस वैन तैनात की गई हैं। इसके अलावा ऊंचे निगरानी मंच यानी मचान बनाए गए हैं, जहां से पुलिसकर्मी भीड़ और बाजार की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की सहायता से भी निगरानी की जा रही है।दिल्ली पुलिस का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। दीपावली के अवसर पर सदर बाजार में दिल्ली के अलावा एनसीआर और आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में व्यापारी तथा ग्राहक खरीदारी करने पहुंचते हैं। बाजार में सजावटी सामान, खिलौने, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, उपहार और त्योहार से जुड़ी सामग्री की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिलती है।भीड़ बढ़ने के साथ ही चोरी, जेबकतरी, झपटमारी और अफरातफरी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया है।मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को एसीपी सोनू कुमार और सदर बाजार थाने के एसएचओ सहदेव सिंह ने पुलिसकर्मियों के साथ बाजार में सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त की और निगरानी इंतजामों का जायजा लिया।
पुलिस ने सदर बाजार के प्रमुख चौराहों और प्रवेश मार्गों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की है। कुतुब चौक सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम से लैस वाहनों को तैनात किया गया है। इन वाहनों की सहायता से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।FRS तकनीक कैमरों से प्राप्त तस्वीरों का विश्लेषण कर उपलब्ध डेटाबेस में मौजूद तस्वीरों से उनका मिलान करने में मदद करती है। इसका उपयोग वांछित अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में सहायता के लिए किया जाता है। हालांकि, किसी व्यक्ति का चेहरा तकनीक द्वारा चिह्नित होने मात्र से उसके अपराधी होने की पुष्टि नहीं होती। ऐसी स्थिति में पुलिस को पहचान का स्वतंत्र सत्यापन करना जरूरी होता है।दिल्ली पुलिस पहले भी बड़े आयोजनों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर इस तकनीक का इस्तेमाल कर चुकी है। राजधानी में गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और अन्य बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान अत्याधुनिक निगरानी उपकरणों की तैनाती की जाती रही है।सदर बाजार में इस बार मचानों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। मचान ऊंचाई पर बनाया गया एक विशेष मंच होता है, जहां तैनात पुलिसकर्मी आसपास के बड़े हिस्से पर नजर रख सकते हैं। बाजार की संकरी गलियों और अत्यधिक भीड़ के कारण जमीन से हर गतिविधि देख पाना कठिन हो सकता है। ऐसे में ऊंचे स्थानों से निगरानी करना उपयोगी साबित होता है।
मचानों पर तैनात पुलिसकर्मी किसी स्थान पर असामान्य भीड़ जमा होने, भगदड़ जैसी स्थिति बनने या संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल संबंधित पुलिस टीम को सूचना दे सकते हैं।इसके अतिरिक्त ड्रोन कैमरों का उपयोग भी किया जा रहा है। ड्रोन की सहायता से बाजार के उन हिस्सों पर नजर रखना संभव होता है, जहां एक साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद हों। इससे भीड़ के प्रवाह और संभावित अवरोधों के बारे में जानकारी मिल सकती है।दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी कैमरों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। बाजार के प्रमुख स्थानों पर लगे कैमरों की फुटेज से गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकती है। किसी घटना की सूचना मिलने पर रिकॉर्डिंग की सहायता से परिस्थितियों को समझने और संबंधित व्यक्तियों की पहचान करने में मदद मिलती है।त्योहारों के दौरान सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन भी एक बड़ी चुनौती होती है। सदर बाजार की कई गलियां संकरी हैं और यहां बड़ी संख्या में दुकानें तथा थोक व्यापारिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। खरीदारों के अलावा सामान लेकर आने-जाने वाले वाहनों और श्रमिकों की आवाजाही भी बनी रहती है।ऐसी स्थिति में यदि किसी एक स्थान पर अत्यधिक भीड़ जमा हो जाए, तो लोगों का निकलना मुश्किल हो सकता है। पुलिस की कोशिश बाजार में लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रखने और आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाने की है।
व्यापारियों के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण है। दीपावली से पहले कारोबार बढ़ने के कारण दुकानों में ग्राहकों और सामान की संख्या अधिक होती है। ऐसी परिस्थितियों में चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।इस वर्ष दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। त्योहार करीब आने के साथ बाजारों में खरीदारों की संख्या और बढ़ सकती है। विशेष रूप से धनतेरस और दीपावली से पहले के दिनों में खरीदारी चरम पर रहने की संभावना है।दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर लगातार जोर दिया है। इस वर्ष मार्च में केंद्र सरकार ने भी दिल्ली पुलिस के लिए स्वदेशी तकनीकी समाधानों से संबंधित सहयोग की जानकारी दी थी। इनमें चेहरे की पहचान, साइबर सुरक्षा और सुरक्षित संचार जैसी प्रणालियां शामिल थीं।हालांकि, चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक के इस्तेमाल को लेकर निजता और डेटा सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठते रहे हैं। तकनीक के उपयोग में पारदर्शिता, गलत पहचान से बचाव और नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय हैं। इसलिए ऐसी प्रणालियों का जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल जरूरी माना जाता है।सदर बाजार में सुरक्षा इंतजामों के बीच आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपेक्षा की जा रही है। बाजार आने वाले लोगों को अपने मोबाइल फोन, पर्स और अन्य कीमती सामान का ध्यान रखना चाहिए। भीड़भाड़ में बच्चों और बुजुर्गों को साथ रखना तथा किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देना आवश्यक है।दिवाली से पहले सदर बाजार में FRS वैन, ड्रोन, सीसीटीवी और मचानों की तैनाती से स्पष्ट है कि दिल्ली पुलिस त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारी भीड़ के बीच सुरक्षा बनाए रखने के साथ खरीदारी करने आने वाले लोगों और व्यापारियों की आवाजाही सुचारु रखना है।
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