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पुलिस ने Haryana और दिल्ली में बड़े शूटआउट की साज़िश नाकाम की; 5 गिरफ्तार

Kiran
31 March 2026 10:17 AM IST
पुलिस ने Haryana और दिल्ली में बड़े शूटआउट की साज़िश नाकाम की; 5 गिरफ्तार
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Sonipat सोनीपत, सोनीपत एंटी गैंगस्टर यूनिट सेक्टर 7 क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है। यूनिट ने विदेश में बैठे गैंगस्टरों के इशारे पर हरियाणा के गैंगस्टर पर फायरिंग की साजिश रच रहे 5 शार्प शूटरों को साढ़े सात से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आज इन आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी।

विदेशी गैंगस्टरों का नेटवर्क: पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर रणदीप मलिक और दीपक बॉक्सर के निर्देश पर काम कर रहा था। ये गैंगस्टर हरियाणा के जींद, पानीपत, सोनीपत के साथ-साथ दिल्ली के कई गैंगस्टर से करोड़ों रुपये की फिरौती की मांग कर रहे थे। पहल न्यूट्रीशन सोनीपत से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी और साढ़े सात से पहले मौके की रेकी भी की गई थी।

शातिर तरीका: मोबाइल चोरी कर व्हाट्सएप एक्सेस: गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी रात के समय नींद हुए लोगों के मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे। इसके बाद मोबाइल नंबर बंद होने से पहले ही उस नंबर का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप पर विदेश में बैठे गैंगस्टरों के अकाउंट लॉगिन करवा देते थे। ओटीपी उसी मोबाइल पर आने के कारण गैंगस्टर आसानी से व्हाट्सएप एक्सेस हासिल कर लेते थे और फिर उसी के जरिए गैंगस्टरों से संपर्क किया जाता था।

पांच करोड़ से 25 करोड़ तक की फिरौती: व्हाट्सएप लॉगिन के बाद विदेशी गैंगस्टर व्हाट्सएप कॉल के जरिए उद्योगपतियों और गैंगस्टरों को धमकाते थे। 5 करोड़ से लेकर 25 करोड़ रुपये तक की रंगदारी कमाई जाती थी। पानीपत में 24 करोड़ की रंगदारी के मामले में भी इन एजेंसियों की संलिप्तता सामने आई है ।

पुलिस की सजा से टली बड़ी मंजूरियां: सोनीपत एंटी गैंगस्टर यूनिट सेक्टर 7 को सूचना मिली थी कि इनाम किसी बड़ी फायरिंग की मंजूरियों को अंजाम देने की फिराक में हैं। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए पांचों शार्प शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी: आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, कई जिंदा बम और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं । बाइट: अजीत सिंह, एसीपी, सोनीपत "पांचों शार्प शूटरों के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल, जिंदा बम और तीन मोबाइल बरामद किए गए हैं। ये विदेश में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में थे और चोरी किए गए मोबाइल नंबरों से ओटीपी लेकर दलाल को धमकी देते थे। पुलिस इनसे गहनता से पूछताछ कर रही है।"

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