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‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने अशोक सिंघल को किया याद

Kavita2
27 Sept 2026 12:19 PM IST
‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने अशोक सिंघल को किया याद
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत अध्यक्ष अशोक सिंघल को उनकी जन्म जयंती पर याद किया। प्रधानमंत्री ने उनके जीवन और राम मंदिर आंदोलन में उनकी भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में रहते हुए तपस्वी की तरह अपना जीवन जिया।

प्रधानमंत्री ने अशोक सिंघल के योगदान को याद करते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन को उन्होंने जिस दिशा और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाया, उसी का परिणाम है कि आज अयोध्या में राम मंदिर दिखाई दे रहा है। पीएम मोदी ने उनके जीवन को समर्पण और तपस्या से जोड़ते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम हर महीने प्रसारित होता है। सरकारी जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2014 से शुरू हुआ था और अब तक इसके कई एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं।

रविवार के संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के समसामयिक मुद्दों के साथ ऐतिहासिक घटनाओं का भी उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने वर्ष 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक को याद किया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को हुए अब 10 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं।

28 और 29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा यानी LoC के पार आतंकी लॉन्च पैड को निशाना बनाकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। प्रधानमंत्री ने इस कार्रवाई को याद करते हुए भारतीय जवानों के साहस और अभियान के सफल संचालन का उल्लेख किया।

पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय जवानों ने LoC पार जाकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। उनके मुताबिक जवानों की कार्रवाई को देखकर पूरी दुनिया हैरान थी। प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक को आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई और सुरक्षा से जुड़े संकल्प के संदर्भ में रखा।

प्रधानमंत्री पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते रहे हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने बताया है कि उस अभियान का उद्देश्य सीमा पार स्थित आतंकी लॉन्च पैड को नष्ट करना था और भारतीय सैनिक अभियान पूरा करने के बाद सूर्योदय से पहले लौट आए थे।

सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय जवानों के साहस को याद किया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई ने दुनिया को भारत की सैन्य क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ उसके संकल्प का परिचय दिया। इस दौरान उन्होंने सेना के जवानों की भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा।

‘मन की बात’ में अशोक सिंघल का जिक्र भी प्रधानमंत्री के संबोधन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। अशोक सिंघल लंबे समय तक विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। प्रधानमंत्री ने उनकी जन्म जयंती पर उन्हें याद करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और योगदान का उल्लेख किया।

पीएम मोदी ने कहा कि अशोक सिंघल ने समाज में रहते हुए तपस्वियों की तरह जीवन जिया। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को दिशा और ऊर्जा देने में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री के अनुसार आज अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण दिखाई दे रहा है और इसके पीछे आंदोलन से जुड़े लंबे संघर्ष और प्रयासों का योगदान रहा।

प्रधानमंत्री के संबोधन में राम मंदिर का संदर्भ अयोध्या से जुड़ी उस लंबी प्रक्रिया की ओर भी ध्यान खींचता है, जिसमें मंदिर निर्माण को लेकर दशकों तक राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन चलते रहे। अशोक सिंघल इस आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में रहे थे।

सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने वर्ष 2016 की उस रात को याद किया, जब भारतीय सेना ने LoC के पार आतंकी लॉन्च पैड को निशाना बनाया था। बाद में इस कार्रवाई को भारत की आतंकवाद विरोधी नीति के प्रमुख उदाहरणों में गिना गया। प्रधानमंत्री ने अलग-अलग अवसरों पर सर्जिकल स्ट्राइक के साथ बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया है।

रविवार के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक के 10 वर्ष पूरे होने की अवधि का उल्लेख करते हुए जवानों की कार्रवाई को याद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने LoC पार जाकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। उनके मुताबिक इस अभियान ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया था।

सर्जिकल स्ट्राइक के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने सेना के जवानों के साहस को देश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने इस कार्रवाई को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के जवाब के रूप में प्रस्तुत किया।

‘मन की बात’ में अशोक सिंघल और सर्जिकल स्ट्राइक दोनों का जिक्र अलग-अलग संदर्भों में हुआ। एक ओर प्रधानमंत्री ने अशोक सिंघल को उनके सामाजिक और धार्मिक आंदोलन से जुड़े योगदान के लिए याद किया, वहीं दूसरी ओर 2016 की सैन्य कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में सामने रखा।

अशोक सिंघल की जन्म जयंती पर उन्हें याद करते हुए प्रधानमंत्री ने उनके जीवन को तपस्या और समर्पण से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन को अशोक सिंघल ने जिस दिशा और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाया, उसका परिणाम आज राम मंदिर के रूप में सामने है।

प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने रात के समय अभियान चलाया और आतंकी लॉन्च पैड को निशाना बनाया। आधिकारिक विवरण में भी इस अभियान के उद्देश्य को सीमा पार स्थित आतंकी लॉन्च पैड को नष्ट करना बताया गया है।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत की आतंकवाद विरोधी सैन्य कार्रवाइयों का उल्लेख राष्ट्रीय राजनीतिक और सुरक्षा विमर्श में लगातार होता रहा है। प्रधानमंत्री ने 2025 में लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान भी सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक का संदर्भ दिया था।

रविवार को ‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री ने पुराने घटनाक्रमों को वर्तमान संदर्भ से जोड़ते हुए देशवासियों के सामने रखा। अशोक सिंघल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि और सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ के संदर्भ ने कार्यक्रम में इतिहास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक जीवन से जुड़े विषयों को जगह दी।

प्रधानमंत्री का संबोधन ऐसे समय में हुआ है जब 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के एक दशक पूरे होने की अवधि नजदीक है। 28-29 सितंबर 2016 की रात हुई इस कार्रवाई को भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकी लॉन्च पैड के खिलाफ अंजाम दिया था। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इसी कार्रवाई को याद करते हुए जवानों के साहस का उल्लेख किया।

‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री ने अशोक सिंघल के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि सिंघल ने समाज में रहते हुए तपस्वियों की तरह अपना जीवन जिया और राम मंदिर आंदोलन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस तरह रविवार के 138वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अशोक सिंघल की जन्म जयंती, राम मंदिर आंदोलन और 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख किया। उन्होंने अशोक सिंघल के योगदान को याद किया और सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भारतीय जवानों की कार्रवाई को देश के संकल्प और सुरक्षा के संदर्भ में सामने रखा।

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