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PM मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरे पर रवाना

Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को तीन देशों—इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड—के आधिकारिक दौरे पर रवाना हुए। यह दौरा भारत की विदेश नीति और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस यात्रा से भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी”, “MAHASAGAR विज़न” और एक स्वतंत्र, खुला तथा समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति देश की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने प्रस्थान से पहले जारी बयान में कहा कि उनका यह दौरा पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका को और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा के बाद न्यूज़ीलैंड का दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देगा और सहयोग के नए अवसर पैदा करेगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इसके बाद 8 से 10 जुलाई तक वे ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेंगे, जबकि 10 से 11 जुलाई तक न्यूज़ीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे संबंधित देशों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी वहां की यात्रा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को लेकर अहम बातचीत होने की संभावना है। भारत और इंडोनेशिया के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का MAHASAGAR विज़न—जिसका अर्थ “क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए आपसी और समग्र तरक्की” है—सभी देशों के लिए सुरक्षा और विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की सोच पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह विज़न वैश्विक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के साथ भारत के संबंध भी पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। इस यात्रा के दौरान शिक्षा, तकनीक, व्यापार, ऊर्जा और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग इस दौरे के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह दौरा भारत की विदेश नीति में बढ़ते वैश्विक प्रभाव को भी दर्शाता है। भारत लगातार उन देशों के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने में साझेदार हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का अवसर है, जिसमें एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की कल्पना शामिल है, जहां सभी देशों को समान अवसर और सुरक्षा मिल सके।
इस दौरे को भारत की कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक साझेदारी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका भी और सशक्त होगी।





