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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति राहत कोष यानी **PM CARES Fund** को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस फंड में हजारों करोड़ रुपये जमा हैं और इसका बड़ा हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल फंड का करीब 93 प्रतिशत हिस्सा बैंक एफडी में निवेश किया गया है, जिससे हर साल ब्याज के रूप में बड़ी रकम प्राप्त हो रही है।
PM CARES Fund की स्थापना कोरोना महामारी के दौरान मार्च 2020 में की गई थी। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में राहत और सहायता उपलब्ध कराना था। समय-समय पर इस फंड में जमा राशि, खर्च और निवेश को लेकर सार्वजनिक चर्चा होती रही है।
फंड में जमा है 8,452 करोड़ रुपये
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, PM CARES Fund में लगभग **8,452 करोड़ रुपये** की राशि मौजूद है। इसमें से बड़ी हिस्सेदारी सुरक्षित निवेश विकल्पों में रखी गई है।
फंड का अधिकांश पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया है, ताकि मूल राशि सुरक्षित रहे और उस पर ब्याज भी मिलता रहे। एफडी को आमतौर पर कम जोखिम वाला निवेश विकल्प माना जाता है।
FD से मिल रहा ब्याज
रिपोर्ट के अनुसार, PM CARES Fund में रखी गई एफडी से हर साल करोड़ों रुपये का ब्याज प्राप्त होता है। इस ब्याज राशि का इस्तेमाल भी फंड के उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
बैंक एफडी में पैसा रखने का मुख्य उद्देश्य फंड की राशि को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध बनाए रखना होता है। आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत धन की आवश्यकता पड़ सकती है, इसलिए सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दी जाती है।
PM CARES Fund की शुरुआत क्यों हुई थी?
PM CARES Fund की शुरुआत कोरोना वायरस महामारी के दौरान की गई थी। उस समय देश में स्वास्थ्य सुविधाओं, मेडिकल उपकरणों, ऑक्सीजन व्यवस्था और अन्य आपात जरूरतों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता थी।
इस फंड के जरिए देश और विदेश से लोगों, संस्थानों और संगठनों ने योगदान दिया। सरकार ने इसे आपदा और आपात स्थितियों से निपटने के लिए बनाया था।
फंड में लोगों और कंपनियों ने दिया योगदान
PM CARES Fund में बड़ी संख्या में लोगों और कंपनियों ने दान दिया। कई सरकारी और निजी संस्थानों ने भी इसमें योगदान किया।
कॉरपोरेट जगत की कई कंपनियों ने इसे सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत योगदान दिया। इसके अलावा आम नागरिकों ने भी अपनी क्षमता के अनुसार राशि जमा की।
फंड के इस्तेमाल को लेकर होती रही है चर्चा
PM CARES Fund की पारदर्शिता और इसके संचालन को लेकर समय-समय पर राजनीतिक बहस होती रही है। विपक्षी दलों ने कई बार फंड की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि यह एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है और इसके संचालन के लिए निर्धारित नियम हैं। सरकार का कहना है कि फंड का इस्तेमाल तय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
कहां-कहां किया गया इस्तेमाल
PM CARES Fund से कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सहायता दी गई। इसमें वेंटिलेटर खरीद, ऑक्सीजन प्लांट, स्वास्थ्य उपकरण और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए धन उपलब्ध कराया गया।
इसके अलावा आपात परिस्थितियों में राहत कार्यों के लिए भी इस फंड का इस्तेमाल किया गया है।
FD में रखने के पीछे क्या कारण है?
विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े राहत कोष में जमा राशि को सुरक्षित रखना जरूरी होता है। ऐसे फंड को ऐसे निवेश विकल्पों में रखा जाता है, जहां जोखिम कम हो और जरूरत पड़ने पर पैसा उपलब्ध हो सके।
फिक्स्ड डिपॉजिट इसी तरह का विकल्प है, जिसमें तय अवधि के लिए पैसा जमा किया जाता है और उस पर निश्चित ब्याज मिलता है।
फंड की राशि पर बनी रहेगी नजर
PM CARES Fund में जमा राशि और उसके इस्तेमाल को लेकर भविष्य में भी चर्चा जारी रहने की संभावना है। बड़ी राशि वाले सार्वजनिक फंड में पारदर्शिता और जवाबदेही हमेशा महत्वपूर्ण मुद्दे रहते हैं।
सरकार की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि फंड का उपयोग जरूरतमंदों और आपात स्थितियों में सहायता के लिए किया जाता है।
फिलहाल 8,452 करोड़ रुपये के फंड और उसमें रखे गए 93 प्रतिशत पैसे के एफडी निवेश की जानकारी सामने आने के बाद इस पर फिर से बहस शुरू हो गई है। ब्याज से होने वाली करोड़ों रुपये की कमाई भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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