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नई दिल्ली। भारत के पारंपरिक कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने तमिलनाडु के इरोड जिले के गोबिचेट्टीपालयम से बुल्गारिया के वर्ना के लिए जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की पहली निर्यात खेप रवाना करने में सहयोग किया है। इस खेप में कुल 1.755 मीट्रिक टन जैविक ताड़ गुड़ पाउडर शामिल है, जिसे पामिरा ब्लॉसम नेक्टर के नाम से भी जाना जाता है।यह उत्पाद राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) और यूरोपीय संघ (EU) के मानकों के अनुसार प्रमाणित है। इस निर्यात को भारत के पारंपरिक ताड़ आधारित उत्पादों की वैश्विक बाजार में पहुंच बढ़ाने और जैविक उत्पादों के निर्यात में विविधता लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पहली बार बुल्गारिया भेजी गई जैविक ताड़ गुड़ की खेप
तमिलनाडु के इरोड जिले से रवाना की गई यह खेप भारतीय कृषि उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए विशेष महत्व रखती है। जैविक ताड़ गुड़ पाउडर पारंपरिक ताड़ आधारित खाद्य उत्पाद है, जिसे अब यूरोपीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।भारत में ताड़ से तैयार होने वाले उत्पादों की अपनी पारंपरिक पहचान रही है। इन उत्पादों का उपयोग लंबे समय से खाद्य पदार्थों और स्थानीय व्यंजनों में किया जाता रहा है। ऐसे में जैविक प्रमाणन के साथ इनकी विदेशों में आपूर्ति भारतीय पारंपरिक खाद्य उत्पादों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।
NPOP और EU प्रमाणन से बढ़ेगी विश्वसनीयता
इस निर्यात की प्रमुख विशेषता यह है कि जैविक ताड़ गुड़ पाउडर को NPOP और EU दोनों के अंतर्गत प्रमाणित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जैविक उत्पादों के व्यापार के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना महत्वपूर्ण होता है।प्रमाणन से उत्पाद की जैविक उत्पादन प्रक्रिया और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुपालन की पुष्टि होती है। इससे विदेशी आयातकों और वितरकों के बीच भारतीय उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।यूरोपीय बाजार में जैविक खाद्य उत्पादों की अलग पहचान है। ऐसे में भारतीय ताड़ गुड़ पाउडर का प्रमाणित उत्पाद के रूप में निर्यात भविष्य में इसी श्रेणी के अन्य उत्पादों के लिए भी संभावनाएं बढ़ा सकता है।
भारतीय पारंपरिक उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार
APEDA की इस पहल का उद्देश्य केवल एक उत्पाद का निर्यात बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत की पारंपरिक कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सहायता करना भी है।भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों से अनेक पारंपरिक खाद्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इनमें से कई उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए बाजार विकसित होने की संभावना है।ताड़ गुड़ पाउडर की पहली खेप बुल्गारिया भेजे जाने से इस दिशा में एक नया रास्ता खुला है। इससे भविष्य में भारतीय उत्पादकों, प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यातकों को नए व्यापारिक अवसर मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
कृषि निर्यात में विविधता लाने पर जोर
भारत के कृषि निर्यात में पारंपरिक कृषि वस्तुओं के साथ प्रसंस्कृत और मूल्यवर्धित उत्पादों की भागीदारी बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जाता है। जैविक ताड़ गुड़ पाउडर जैसे उत्पाद इस दिशा में उपयोगी साबित हो सकते हैं।ऐसे उत्पादों के निर्यात से कृषि आधारित उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले पारंपरिक खाद्य पदार्थों की पहचान भी व्यापक होती है।
APEDA की पहल से खुलेंगे नए अवसर
बुल्गारिया के वर्ना के लिए 1.755 मीट्रिक टन जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की पहली खेप रवाना होना भारतीय जैविक खाद्य निर्यात के विस्तार की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल है।यह उपलब्धि दर्शाती है कि पारंपरिक भारतीय खाद्य उत्पाद अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और जैविक प्रमाणन मानकों के अनुरूप तैयार होकर विदेशी बाजारों तक पहुंच सकते हैं। आने वाले समय में ऐसी पहल भारत के कृषि निर्यात में विविधता बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक हो सकती है।
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