दिल्ली-एनसीआर

ग्रुप और अन्य के मामले में पीड़ितों को 8.41 करोड़ रुपए की संपत्ति वापस करने का आदेश

SHIDDHANT
12 Jun 2026 8:29 PM IST
ग्रुप और अन्य के मामले में पीड़ितों को 8.41 करोड़ रुपए की संपत्ति वापस करने का आदेश
x
Delhi दिल्ली। विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने मेसर्स अजमेरा ग्रुप और अन्य के मामले में अपराध से प्राप्त धन (पीओसी) को उसके सही हकदारों को वापस दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय ने इस मामले में धन शोधन के अपराध के पीड़ितों और सही हकदारों को 8.41 करोड़ रुपए की संपत्ति वापस करने का आदेश दिया है।
ईडी ने मेसर्स अजमेरा ग्रुप, बेंगलुरु के प्रबंध निदेशक, निदेशकों और सहयोगियों के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इन एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि संस्था ने आम जनता से निवेश पर अधिक लाभ का वादा करके निवेश प्राप्त किया था। हालांकि, उन्होंने न तो लाभ का भुगतान किया और न ही जमा की गई मूल राशि/निवेश का भुगतान करके जनता को धोखा दिया। ईडी की जांच में पता चला कि भारी मात्रा में धन अजमेरा ग्रुप के निदेशकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया था और उसी धन का उपयोग उनके नाम पर विभिन्न संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया था। जांच के दौरान, ईडी ने एक अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया, जिसमें विभिन्न आरोपियों की कई चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया और बाद में विशेष न्यायालय के समक्ष अभियोजन शिकायत दर्ज की गई।
धन शोधन अपराध के पीड़ितों और वास्तविक दावेदारों को संपत्ति का मूलधन वापस दिलाने के उद्देश्य से पीएमएलए के तहत ईडी ने विशेष पीएमएलए न्यायालय के समक्ष कुर्क की गई संपत्ति को धन शोधन अपराध के पीड़ितों और वास्तविक दावेदारों को सौंपने के लिए कोई आपत्ति नहीं जताई। ईडी द्वारा प्रस्तुत उपरोक्त दलीलों के आधार पर विशेष पीएमएलए न्यायालय ने 9 जून को एक आदेश पारित करते हुए धन शोधन अपराध के पीड़ितों और वास्तविक/वैध दावेदारों को कुर्क की गई अचल संपत्तियों को वापस करने का आदेश दिया है। संपत्ति का सही दावेदारों और पीड़ितों को वापस करना, पीड़ितों को उनकी संपत्ति वापस दिलाने के ईडी के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। ईडी वित्तीय अपराधों से निपटने और ऐसे अपराधों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखे हुए है।
Next Story