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SIR को लेकर विपक्ष का विरोध तेज CEC को हटाने की मांग

Ratna Netam
6 Oct 2026 8:44 PM IST
SIR को लेकर विपक्ष का विरोध तेज  CEC को हटाने की मांग
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नई दिल्ली। CPI(M) सेंट्रल कमिटी के सदस्य और केरल के पूर्व वित्त मंत्री टी.एम. थॉमस इसाक ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा चुनावी प्रक्रियाओं और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त का पद पर बने रहना उचित नहीं है। इसाक ने यह बयान उस समय दिया, जब INDIA ब्लॉक के सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे और स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया था।
थॉमस इसाक ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “CEC ज्ञानेश कुमार का पद पर बने रहना मुमकिन नहीं है। उन्हें जाना ही होगा। वे बीजेपी के लिए वोट चुरा रहे हैं। इसलिए इस मांग से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है।” यह इसाक का राजनीतिक आरोप है। चुनाव आयोग ने विपक्ष की कई आपत्तियों का जवाब देते हुए कुछ आरोपों को भ्रामक बताया है और SIR प्रक्रिया का बचाव किया है।मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसद संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। विपक्षी दलों की मुख्य मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, चल रही SIR प्रक्रिया को खत्म करने और मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग शामिल थी। मार्च के दौरान कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोक लिया और कुछ नेताओं को हिरासत में भी लिया गया।
SIR को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल हैं। INDIA ब्लॉक के नेता दावा कर रहे हैं कि इस प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं और इसका असर चुनावी अधिकारों पर पड़ सकता है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों का खंडन करते हुए अपनी प्रक्रियाओं को नियमों के अनुरूप बताया है।
इस विवाद ने कानूनी मोर्चे पर भी तूल पकड़ लिया है। सुप्रीम कोर्ट में SIR और चुनाव आयोग के कुछ फैसलों को लेकर याचिकाएं दाखिल की गई हैं। अदालत ने चुनाव आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि कुछ महत्वपूर्ण फैसले सामूहिक रूप से लिए गए थे या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आयोग का कोई फैसला कानून के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो उसे रद्द किया जा सकता है।थॉमस इसाक का बयान ऐसे समय सामने आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध पहले से तेज है। कांग्रेस, CPI, CPI(M), RJD और अन्य विपक्षी दल लगातार ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मंगलवार के प्रदर्शन में विपक्षी दलों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वे SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
विपक्ष के विरोध को एक और राजनीतिक बढ़ावा उस समय मिला जब BJD भी मंगलवार के प्रदर्शन में शामिल हुई। इससे मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR के खिलाफ चल रहे विरोध का दायरा और व्यापक दिखाई दिया। BJD नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच प्रदर्शन में भाग लिया।इसाक ने अपनी टिप्पणी में साफ संकेत दिया कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को केवल एक दिन के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखने वाला है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पीछे हटने का सवाल नहीं है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से सीधे जुड़ा मुद्दा है, इसलिए इस पर व्यापक जवाबदेही जरूरी है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि उसके खिलाफ लगाए जा रहे कई आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। आयोग ने हाल ही में मतदाता पंजीकरण से जुड़े Form-6 में बदलाव को लेकर लगाए गए आरोपों को भी “भ्रामक” बताया था। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में सरकार, विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी टकराव जारी रह सकता है।मंगलवार का विरोध प्रदर्शन केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहा। विपक्ष ने SIR प्रक्रिया को वापस लेने, पुराने मतदाता रिकॉर्ड बहाल करने और कथित रूप से हटाए गए मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ने की मांग भी उठाई। विपक्षी नेताओं ने इसे चुनावी अधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा मामला बताया।फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। टी.एम. थॉमस इसाक का बयान इसी बढ़ते विरोध का हिस्सा है। SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों पर आने वाले दिनों में अदालतों और राजनीतिक मंचों दोनों पर बहस जारी रहने की संभावना है।
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