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वोटर लिस्ट विवाद पर विपक्ष का चुनाव आयोग मार्च, राहुल-प्रियंका बैरिकेड पर चढ़े

नई दिल्ली : मंगलवार को वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च निकाला और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सड़क पर धरने पर बैठे और बाद में हाथों में तिरंगा लेकर बैरिकेड पर चढ़े दिखाई दिए।
प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। चुनाव आयोग मुख्यालय और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस तथा सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए और विपक्षी सांसदों को आयोग के कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
VIDEO | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi climbs atop the barricades during the INDIA bloc MPs' march from Parliament to the ECI, demanding CEC Gyanesh Kumar's resignation. (Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) https://t.co/YkwlFV8WCn
— Press Trust of India (@PTI_News) October 6, 2026
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में किए गए बदलावों और SIR की प्रक्रिया ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। इन्हीं आरोपों को लेकर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहा है। हालांकि चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
#WATCH | Delhi | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi waves the Tricolour as he climbs atop a police barrier during INDIA bloc MPs' protest against the Election Commission of India Earlier visuals from the spot https://t.co/T6vCnKnbeX
— ANI (@ANI) October 6, 2026
मंगलवार को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग की ओर मार्च करते हुए नीति आयोग के कार्यालय के पास पहुंचे। यहां पहले से मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। बैरिकेडिंग के सामने ही सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और कुछ नेता धरने पर बैठ गए।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी प्रदर्शनकारियों के साथ सड़क पर बैठे। इसके बाद दोनों को तिरंगा हाथ में लेकर बैरिकेड पर चढ़े हुए देखा गया। इस दौरान अन्य विपक्षी नेता भी उनके साथ मौजूद रहे और चुनाव आयोग तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए। बाद में पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया।
विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी सीधे मतदान के अधिकार को प्रभावित करती है। उनका आरोप है कि बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और मतदाता पंजीकरण से जुड़े फॉर्म में बदलाव के कारण वास्तविक मतदाता प्रभावित हुए हैं।
इस विवाद में फॉर्म-6 भी प्रमुख मुद्दा बन गया है। हाल में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त पर एकतरफा तरीके से फैसले लेने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने कहा था कि वह संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगी और यदि कोई निर्णय कानून के अनुरूप नहीं पाया गया तो उसे निरस्त किया जा सकता है।
इसी विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। दूसरी ओर चुनाव आयोग ने कहा है कि फॉर्म-6 में वैधानिक बदलाव नहीं किया गया और राहुल गांधी के दावों को भ्रामक बताया है। भाजपा ने भी विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
SIR प्रक्रिया को लेकर विवाद तब और बढ़ा जब मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटने की खबरें सामने आईं। चुनाव आयोग ने बाद में उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया जहां SIR पूरा हो चुका है, ताकि सूची से छूट गए पात्र मतदाताओं को दोबारा नाम दर्ज कराने का अवसर दिया जा सके।
विपक्षी दल इसे अपनी आशंकाओं की पुष्टि के रूप में देख रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन रखने के लिए पुनरीक्षण जरूरी है। इसीलिए पूरे विवाद में दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने हैं।
मंगलवार के प्रदर्शन ने इस राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के बैरिकेड पर चढ़ने और हिरासत में लिए जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से सामने आईं।
मध्य दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम के कारण कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस की प्राथमिकता चुनाव आयोग मुख्यालय और आसपास के संवेदनशील सरकारी क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करना रही।
विपक्षी सांसदों का कहना है कि वे इस मुद्दे को संसद से सड़क तक उठाते रहेंगे। उनकी मांग है कि मतदाता सूची में हुए बदलावों की पारदर्शी जांच हो और मुख्य चुनाव आयुक्त जवाबदेही लें।
फिलहाल वोटर लिस्ट, SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का विवाद राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। मंगलवार का मार्च इस विरोध अभियान का बड़ा चरण रहा, जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि चुनाव आयोग इस विरोध और आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और विपक्ष आने वाले दिनों में अपने आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाता है।





