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नई दिल्ली। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR को लेकर विपक्ष का विरोध बुधवार को और तेज हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसद बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि विपक्षी सांसदों को लेकर बसें जंतर-मंतर की ओर जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के कारण विपक्ष ने जंतर-मंतर का रुख किया है। जंतर-मंतर दिल्ली में प्रदर्शनों के लिए निर्धारित प्रमुख स्थानों में शामिल है।
पवन खेड़ा ने अपने पोस्ट में दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी दल शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध का अपना अधिकार इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार नागरिकों और राजनीतिक दलों को प्राप्त है।
विपक्षी नेताओं का यह कदम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सामने आया। बैठक में INDIA गठबंधन से जुड़े कई दलों के सांसद शामिल हुए थे। इसमें SIR से जुड़े विवाद, चुनाव आयोग के साथ संवाद और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर जाकर प्रदर्शन करने का फैसला किया।
राहुल गांधी ने बैठक से पहले ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान कर दिया था। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि एक दिन पहले विपक्ष को उस स्थान पर विरोध करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जहां वह प्रदर्शन करना चाहता था, इसलिए अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
राहुल गांधी ने कहा, “कल उन्होंने कहा कि हम वहां विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते, इसलिए हम विरोध प्रदर्शन को जंतर-मंतर ले जा रहे हैं।” अपने खिलाफ दर्ज मामलों पर उन्होंने कहा कि अगर उनके खिलाफ और FIR दर्ज होती हैं तो भी वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए हर FIR “मेडल” की तरह है।
विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में ऐसी गड़बड़ियां हुई हैं, जिनसे पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। विपक्षी दल इस प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और चुनाव आयोग से विस्तृत जवाब की मांग कर रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण नियमों तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया है।
इससे एक दिन पहले भी विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च किया था। पुलिस ने संसद मार्ग और निर्वाचन सदन के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया। कई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
मंगलवार की घटना के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के कुछ नेताओं के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान बिना अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने और पुलिस निर्देशों का पालन न करने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। विपक्षी नेताओं ने इन मामलों को लेकर कहा है कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
बुधवार को विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया। इसके बाद नेताओं को बसों के जरिए प्रदर्शन स्थल ले जाया गया। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी बस में मौजूद रहे। अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने भी प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की।
विपक्ष की मांग है कि चुनाव आयोग SIR से जुड़े सवालों पर एक प्रतिनिधिमंडल से तत्काल मुलाकात करे। खड़गे की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे जाने वाले पत्र पर भी चर्चा हुई। इस पत्र में विपक्ष की ओर से मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर सीधे संवाद के लिए समय मांगे जाने की तैयारी है।
इस पूरे विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का 7 और 8 अक्टूबर का प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा भी स्थगित कर दिया गया है। निर्वाचन अधिकारियों ने दौरे के स्थगन के पीछे अपरिहार्य कारण बताए हैं और नई तारीख बाद में घोषित किए जाने की बात कही है।
SIR का मुद्दा अब चुनावी और संवैधानिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष इसे मतदाता अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध रखने के लिए पुनरीक्षण आवश्यक प्रक्रिया है।
जंतर-मंतर पर विपक्ष के प्रदर्शन के साथ यह टकराव फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों की मौजूदगी ने इस आंदोलन को राजनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण बना दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि चुनाव आयोग विपक्ष की मुलाकात की मांग पर क्या प्रतिक्रिया देता है और SIR को लेकर जारी विरोध आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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