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- अब 8 अगस्त तक चलेगा...

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव और आगामी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की तैयारियों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। हरियाणा की तर्ज पर अब देश की राजधानी दिल्ली में भी मतदाता सूची के 'विशेष सघन पुनरीक्षण' (एसआईआर - Special Intensive Revision) कार्यक्रम की अवधि को आगे बढ़ा दिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा किए जा रहे घर-घर सत्यापन (Door-to-Door Verification) अभियान की डेडलाइन को बढ़ा दिया गया है।
अब दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ 29 जुलाई के बजाय 8 अगस्त 2026 तक घर-घर जाकर मतदाता सूचियों का भौतिक सत्यापन करेंगे। निर्वाचन आयोग के इस कदम से न केवल अधिकारियों को काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, बल्कि दिल्ली के लाखों आम नागरिकों और खासकर नए युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने और सुधार करवाने का एक बड़ा अवसर प्राप्त होगा।
क्यों बढ़ानी पड़ी एसआईआर (SIR) अभियान की तारीख?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान की समय-सीमा बढ़ाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली का एक भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।
गर्मी, बारिश और कई व्यावहारिक दिक्कतों के चलते मैदानी स्तर पर काम कर रहे बीएलओ को हर घर तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में, यदि अभियान को 29 जुलाई को ही समाप्त कर दिया जाता, तो कई इलाकों में सत्यापन का काम अधूरा रहने की आशंका थी। अब 8 अगस्त तक का समय मिल जाने से बीएलओ अधिक सटीकता और गहनता के साथ हर परिवार के पास जाकर मतदाता सूची को अपडेट कर सकेंगे।
कार्यक्रम में बदलाव के बाद अब क्या है नया शेड्यूल?
अवधि विस्तार के कारण चुनाव आयोग ने दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े पूरे टाइम-टेबल को री-शेड्यूल किया है, जो इस प्रकार है:
घर-घर सत्यापन की नई तारीख: बीएलओ अब 29 जुलाई के बजाय 8 अगस्त 2026 तक आपके घर आकर मतदाता कार्ड की जांच करेंगे।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (प्रारूप मतदाता सूची) का प्रकाशन: पहले यह सूची 5 अगस्त को जारी होनी थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 17 अगस्त 2026 कर दिया गया है।
दावे और आपत्तियां दर्ज कराना: 17 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद, नागरिक उसमें अपना नाम चेक कर सकेंगे और किसी भी तरह की त्रुटि, नाम कटने या नया नाम जोड़ने के लिए अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
युवाओं और नए मतदाताओं को मिलेगा सीधा फायदा
चुनाव आयोग का यह फैसला दिल्ली के उन युवाओं के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगा जो हाल ही में 18 वर्ष के हुए हैं या होने वाले हैं। इसके अलावा जो लोग हाल ही में किसी नए पते पर शिफ्ट हुए हैं, वे भी इस बढ़े हुए समय का लाभ उठाकर अपने वोटर कार्ड में एड्रेस चेंज या नाम में सुधार का काम आसानी से करवा सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिल्ली की जनता से अपील की है कि जब भी बीएलओ उनके घर आएं, तो वे अपने पहचान संबंधी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र आदि) तैयार रखें और सत्यापन प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग करें। आयोग का लक्ष्य एक ऐसी त्रुटिहीन और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है, जो आगामी चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष और मजबूत बना सके।





