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NHRC ने विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसे का स्वतः संज्ञान लिया

New Delhi: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि 8 जून को आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए विस्फोट के बाद आठ कर्मचारियों की मौत हो गई और कम से कम छह अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह घटना विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की SMS-2 और STC-3 हीट फैसिलिटी से बड़ी मात्रा में पिघला हुआ स्टील लीक होने के बाद हुई।
आयोग ने पाया है कि अगर समाचार रिपोर्ट की बातें सच हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला बनता है। इसलिए, आयोग ने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में घायल कर्मचारियों के स्वास्थ्य की स्थिति और उन्हें तथा मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि (ex-gratia) के बारे में जानकारी शामिल होने की उम्मीद है।
9 जून को आई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना प्लांट की 'स्टील मेल्टिंग शॉप' में हुई, जब लगभग 1600°C तापमान वाले करीब 150 टन तरल स्टील को ले जा रही एक लैडल (बड़ी कड़ाही) में अचानक विस्फोट हो गया और पिघला हुआ स्टील शॉप फ्लोर पर फैल गया, जिससे कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए।इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुई दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया था, जिसमें आठ कर्मचारियों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।
पीएम मोदी ने 'X' पर कहा, "विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुई दुर्घटना से दुखी हूं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहा है।"
प्रधानमंत्री ने दुर्घटना के पीड़ितों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से आर्थिक सहायता की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा, "प्रत्येक मृतक के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।"





