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कैंसर के इलाज में नई क्रांति, रोबोटिक तकनीक से पांच मरीजों की सर्जरी

Ratna Netam
31 Oct 2026 9:47 PM IST
कैंसर के इलाज में नई क्रांति, रोबोटिक तकनीक से पांच मरीजों की सर्जरी
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नई दिल्ली। चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से कैंसर के इलाज को नई दिशा मिल रही है। इसी कड़ी में दिल्ली के द्वारका स्थित मणिपाल अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां डॉक्टरों की टीम ने अत्याधुनिक 'नेक्स्ट जनरेशन दा विंची 5' (da Vinci 5) रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की मदद से एक ही दिन में पांच मरीजों की जटिल कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की। इन ऑपरेशनों के जरिए जीभ, पित्ताशय, मूत्राशय और गर्भाशय की अंदरूनी परत में होने वाले कैंसर का इलाज किया गया।अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इन पांचों सर्जरी का नेतृत्व मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर और ऑन्को रोबोटिक सर्जरी के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ किया। इन ऑपरेशनों में आधुनिक रोबोटिक तकनीक के साथ डॉक्टरों के अनुभव और सटीक सर्जिकल कौशल का इस्तेमाल किया गया। इस उपलब्धि को कैंसर के जटिल ऑपरेशन में रोबोटिक तकनीक की बढ़ती उपयोगिता के रूप में देखा जा रहा है।
चार तरह के कैंसर के मरीजों का किया गया ऑपरेशन
अस्पताल में की गई पांचों सर्जरी अलग-अलग प्रकार के कैंसर से पीड़ित मरीजों की थीं। इनमें 52 वर्षीय पुरुष के जीभ के कैंसर का ऑपरेशन किया गया। इसके लिए रोबोटिक नेक डिसेक्शन प्रक्रिया अपनाई गई। इस सर्जरी में कैंसर के उपचार के तहत गर्दन के प्रभावित लिम्फ नोड्स को निकालने की प्रक्रिया शामिल होती है।दूसरा ऑपरेशन 60 वर्षीय महिला का किया गया, जो पित्ताशय के कैंसर से पीड़ित थीं। डॉक्टरों ने उनकी रेडिकल कोलेसिस्टेक्टॉमी सर्जरी की। इस प्रक्रिया में कैंसर प्रभावित पित्ताशय और जरूरत के अनुसार आसपास के प्रभावित ऊतकों को हटाया जाता है।तीसरी सर्जरी 73 वर्षीय पुरुष की थी, जिन्हें मूत्राशय का कैंसर था। डॉक्टरों ने उनकी रोबोटिक रेडिकल सिस्टेक्टॉमी की। यह एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें कैंसर की स्थिति के अनुसार मूत्राशय को हटाया जाता है और आगे पेशाब के निकास की व्यवस्था भी करनी पड़ सकती है।इसके अलावा 50 और 53 वर्ष की दो महिलाओं में एंडोमेट्रियल कैंसर यानी गर्भाशय की अंदरूनी परत के कैंसर का इलाज किया गया। इन दोनों महिलाओं की भी रोबोटिक तकनीक से सर्जरी की गई। इस तरह एक ही दिन में पांच मरीजों के चार अलग-अलग प्रकार के कैंसर का ऑपरेशन किया गया।
क्या है दा विंची 5 रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम?
दा विंची 5 आधुनिक रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की नई पीढ़ी की तकनीक है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि सर्जन शरीर के बेहद संवेदनशील और जटिल हिस्सों में भी अधिक नियंत्रण के साथ ऑपरेशन कर सकें। इसमें 150 से अधिक तकनीकी और डिजाइन संबंधी सुधार किए गए हैं।इस सिस्टम की सबसे खास विशेषताओं में 3D विजुअलाइजेशन, बेहतर इंस्ट्रूमेंट कंट्रोल, अधिक कंप्यूटिंग क्षमता और फोर्स फीडबैक तकनीक शामिल हैं। इसकी मदद से सर्जन ऑपरेशन के दौरान शरीर के अंदर मौजूद ऊतकों पर उपकरणों द्वारा लगाए जा रहे दबाव को महसूस कर सकते हैं।फोर्स फीडबैक तकनीक को इस सिस्टम की महत्वपूर्ण विशेषता माना जा रहा है। सामान्य रोबोटिक सर्जरी में डॉक्टर स्क्रीन पर शरीर के अंदर की गतिविधियों को देखकर उपकरणों को नियंत्रित करते हैं, लेकिन इस तकनीक के जरिए उपकरणों के माध्यम से ऊतकों पर पड़ने वाले बल का अतिरिक्त एहसास भी मिलता है। इससे संवेदनशील हिस्सों में काम करते समय डॉक्टरों को बेहतर नियंत्रण मिल सकता है।इसके अलावा सिस्टम में बेहतर 3D इमेजिंग की सुविधा है, जिससे सर्जन ऑपरेशन वाले हिस्से को बड़ा और स्पष्ट देखकर काम कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन सर्जरी में उपयोगी हो सकती है, जहां ट्यूमर महत्वपूर्ण अंगों, नसों और रक्त वाहिकाओं के आसपास स्थित होता है।
रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को क्या फायदा?
कैंसर की पारंपरिक सर्जरी में कई बार बड़े चीरे लगाने पड़ते हैं। वहीं रोबोटिक तकनीक की मदद से कई ऑपरेशन छोटे चीरों के जरिए किए जा सकते हैं। इससे मरीजों को कुछ संभावित फायदे मिल सकते हैं।
- कम रक्तस्राव: छोटे चीरे और सटीक उपकरणों के इस्तेमाल से कुछ प्रक्रियाओं में खून का नुकसान कम हो सकता है।
- कम दर्द: ऑपरेशन के दौरान ऊतकों को कम नुकसान पहुंचने की स्थिति में मरीज को ऑपरेशन के बाद कम दर्द हो सकता है।
- जल्दी रिकवरी: कई मरीजों में अस्पताल से छुट्टी मिलने और सामान्य गतिविधियों में लौटने का समय कम हो सकता है।
- बेहतर सर्जिकल नियंत्रण: 3D विजुअलाइजेशन और आधुनिक उपकरणों से डॉक्टरों को जटिल हिस्सों में काम करने में मदद मिलती है।
- संवेदनशील अंगों के पास सर्जरी: महत्वपूर्ण अंगों, नसों और रक्त वाहिकाओं के आसपास ऑपरेशन करते समय अतिरिक्त नियंत्रण मिल सकता है।
हालांकि, इन फायदों का मिलना मरीज की बीमारी, कैंसर की अवस्था, ऑपरेशन के प्रकार और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। रोबोटिक सर्जरी हर मरीज के लिए जरूरी या उपयुक्त हो, ऐसा नहीं है। अंतिम फैसला डॉक्टर मरीज की जांच और चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर लेते हैं।
डॉक्टरों ने बताई आधुनिक तकनीक की अहमियत
सर्जरी का नेतृत्व करने वाले डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास के अनुसार, कैंसर के ऑपरेशन उस समय विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं, जब ट्यूमर महत्वपूर्ण अंगों, रक्त वाहिकाओं और संवेदनशील ऊतकों के करीब होता है। ऐसे मामलों में सर्जन को बेहद सावधानी और सटीकता के साथ काम करना पड़ता है।उनका कहना है कि नई तकनीक से डॉक्टरों को ऑपरेशन के दौरान बेहतर नियंत्रण और स्पष्ट दृश्यता मिलती है। इससे जटिल सर्जरी को अधिक व्यवस्थित तरीके से करने में सहायता मिल सकती है। एक ही दिन में अलग-अलग प्रकार के पांच कैंसर ऑपरेशन करना आधुनिक रोबोटिक तकनीक और विशेषज्ञ मेडिकल टीम के बीच बेहतर तालमेल को दर्शाता है।
भारत में रोबोटिक कैंसर सर्जरी का बढ़ता दायरा
भारत में कैंसर के इलाज के लिए आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। बड़े अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य जटिल ऑपरेशनों में डॉक्टरों को बेहतर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना और मरीजों को कम चीर-फाड़ वाली सर्जरी का विकल्प देना है।हाल ही में दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, साकेत और मुंबई के नानावती मैक्स अस्पताल में भी दा विंची 5 रोबोटिक सिस्टम की शुरुआत की गई है। इससे स्पष्ट है कि देश के निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पीढ़ी की रोबोटिक सर्जरी तकनीक को अपनाने की दिशा में निवेश बढ़ रहा है।कुल मिलाकर, दिल्ली के मणिपाल अस्पताल में एक ही दिन में पांच जटिल कैंसर सर्जरी किया जाना आधुनिक चिकित्सा तकनीक की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। हालांकि, इस तकनीक में रोबोट स्वयं ऑपरेशन नहीं करता, बल्कि प्रशिक्षित सर्जन कंसोल के जरिए पूरे सिस्टम को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में अत्याधुनिक मशीनों के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों का अनुभव और सही मरीज का चयन भी सफल इलाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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