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नई दिल्ली। देश के अनुसूचित जनजाति समुदाय के युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार कौशल विकास तथा उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है। जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) ओडिशा के राउरकेला स्थित आजीविका व्यवसाय इनक्यूबेशन केंद्र के माध्यम से आदिवासी युवाओं को प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल, व्यावसायिक जानकारी और आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस केंद्र का संचालन तीन प्रमुख सरकारी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। इनमें राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का राउरकेला स्टील प्लांट शामिल हैं।
तीन सरकारी संस्थाओं के सहयोग से पहल
जनजातीय कार्य मंत्रालय के अनुसार, राउरकेला में आजीविका व्यवसाय इनक्यूबेशन केंद्र के संचालन के लिए तीन संस्थाओं के बीच सहयोग की व्यवस्था विकसित की गई है।इसमें NSTFDC आदिवासी समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय सहायता से संबंधित कार्य करता है। वहीं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम तकनीकी प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास में सहयोग देता है।राउरकेला स्टील प्लांट केंद्र के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे से जुड़ा साझेदार है।आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, इस केंद्र की स्थापना से संबंधित मूल त्रिपक्षीय समझौता 26 फरवरी 2021 को हुआ था। इसलिए 22 अक्टूबर 2026 को नए समझौते पर हस्ताक्षर होने की सूचना की अलग से आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण
आजीविका व्यवसाय इनक्यूबेशन केंद्र का प्रमुख उद्देश्य अनुसूचित जनजाति समुदाय के युवाओं को उनकी रुचि और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान करना है।केंद्र में इलेक्ट्रिशियन, वेल्डिंग, फर्नीचर निर्माण, सिलाई, फैशन डिजाइनिंग, बेकरी और सौंदर्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है।इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को व्यावहारिक कौशल सिखाया जाता है, ताकि वे रोजगार प्राप्त करने के साथ स्वयं का व्यवसाय भी शुरू कर सकें।मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस केंद्र में विभिन्न रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे थे और लगभग एक हजार युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके थे।
स्वरोजगार और उद्यमिता पर विशेष ध्यान
केंद्र सरकार का मानना है कि आदिवासी युवाओं का आर्थिक सशक्तिकरण केवल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने से संभव नहीं होगा। इसके लिए युवाओं को व्यवसाय शुरू करने और उसे सफलतापूर्वक संचालित करने की जानकारी भी देनी होगी।इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उद्यमिता विकास को शामिल किया गया है।युवाओं को व्यवसाय पंजीकरण, वित्तीय प्रबंधन, बैंक ऋण, लागत निर्धारण, उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को छोटे उद्योग और स्थानीय व्यवसाय स्थापित करने में सहायता मिल सकती है।
वित्तीय सहायता से जोड़ा जाएगा कौशल विकास
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम का उद्देश्य आदिवासी समुदाय के लोगों को रियायती वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।निगम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार, छोटे उद्यम और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।इन योजनाओं में सावधि ऋण, आदिवासी महिला सशक्तिकरण योजना और स्वयं सहायता समूहों के लिए सूक्ष्म ऋण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने से युवाओं को प्रशिक्षण के बाद अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिल सकती है।
स्थानीय संसाधनों के उपयोग से बढ़ेंगे अवसर
राउरकेला और आसपास के क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति समुदाय की महत्वपूर्ण आबादी निवास करती है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।केंद्र का उद्देश्य युवाओं को ऐसे कौशल प्रदान करना है, जिनका उपयोग स्थानीय उद्योगों, सेवा क्षेत्र और छोटे व्यवसायों में किया जा सके।इसके अलावा प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को आत्मविश्वास बढ़ाने, उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने और बाजार की मांग के अनुसार काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
आदिवासी महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
उद्यमिता विकास कार्यक्रमों में आदिवासी महिलाओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, सौंदर्य सेवाओं और अन्य छोटे व्यवसायों से संबंधित प्रशिक्षण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के विकल्प उपलब्ध करा सकता है।जनजातीय कार्य मंत्रालय की योजनाओं के माध्यम से पात्र महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग देने की व्यवस्था भी मौजूद है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास
राउरकेला का आजीविका व्यवसाय इनक्यूबेशन केंद्र कौशल विकास, वित्तीय सहायता और औद्योगिक सहयोग को एक साथ जोड़ने का प्रयास है।इस पहल के माध्यम से आदिवासी युवाओं को रोजगार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने के साथ उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।सरकार का उद्देश्य है कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के युवा केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने कौशल के आधार पर छोटे उद्योग और व्यवसाय स्थापित करके आय के स्थायी साधन विकसित कर सकें।
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