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कोरोना संकट में दुनिया की मदद के लिए आगे आया भारत, पीएम मोदी बोले

SHIDDHANT
22 Oct 2026 9:06 PM IST
कोरोना संकट में दुनिया की मदद के लिए आगे आया भारत, पीएम मोदी बोले
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जरूरतमंद देशों तक पहुंचाई वैक्सीन
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान भारत की वैश्विक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि जब दुनिया के कई शक्तिशाली देश केवल अपने हितों के बारे में सोच रहे थे, तब भारत जरूरतमंद देशों की मदद के लिए आगे आया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी गंभीर वैश्विक चुनौती के समय भारत ने मानवता को प्राथमिकता दी और दूसरे देशों तक जीवनरक्षक टीके पहुंचाए।
कोरोना संकट में दुनिया ने देखी भारत की ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अभूतपूर्व संकट में डाल दिया था। उस समय स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों और टीकों की भारी आवश्यकता थी। कई देशों के सामने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती थी। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भारत ने अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि दूसरे देशों की सहायता भी की। भारत की इस भूमिका को दुनिया ने देखा और उसकी सराहना की।
100 से अधिक देशों तक पहुंचाई वैक्सीन
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि भारत ने कोरोना महामारी के दौरान 100 से अधिक देशों को टीकों की आपूर्ति की। उन्होंने कहा कि वैक्सीन निर्माण की क्षमता कुछ देशों तक सीमित रखने के बजाय भारत ने इसे मानवता की सेवा का माध्यम बनाया। 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भी प्रधानमंत्री ने इसी विषय पर भारत के योगदान का उल्लेख किया था।
वैक्सीन मैत्री अभियान बना सहयोग का माध्यम
कोरोना महामारी के दौरान भारत ने वैक्सीन मैत्री पहल के माध्यम से विभिन्न देशों को टीके उपलब्ध कराए थे। इसके अलावा कई देशों को आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति भी की गई। भारत की इस पहल से विशेष रूप से उन विकासशील देशों को सहायता मिली, जिनके पास टीका निर्माण और स्वास्थ्य संबंधी संसाधन सीमित थे।
मानवता की सेवा को बताया प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण अपनी प्रगति के साथ दुनिया के दूसरे देशों को भी आगे बढ़ाने का है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी देश की वास्तविक ताकत केवल उसकी आर्थिक या तकनीकी क्षमताओं से नहीं, बल्कि संकट के समय दूसरों की सहायता करने की उसकी प्रतिबद्धता से भी दिखाई देती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी क्षमताओं का लाभ वैश्विक समुदाय के साथ साझा करने की नीति पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विश्वसनीय साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार बताया।
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