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New Delhi: दिल्ली की सड़कों के कायाकल्प के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर

Admindelhi1
17 Feb 2026 9:04 PM IST
New Delhi: दिल्ली की सड़कों के कायाकल्प के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर
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"राजधानी में सड़क विकास और सुधार का काम शुरू"

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली की सड़कों को गड्ढामुक्त, समतल और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए सड़क सुधार परियोजना के लिए 800 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। उन्नत तकनीक के माध्यम से दिल्ली की 241 से अधिक प्रमुख सड़कों का पुनर्विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा ने कहा कि केंद्र और राज्य के सहयोग से दिल्ली के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिल रही है। सभी सड़कों को ‘वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग’ मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा, ताकि सड़क निर्माण का काम आधा-अधूरा न रह जाए, बल्कि पूरी चौड़ाई में समान गुणवत्ता सुनिश्चित हो।

रेखा ने कहा कि पहले सड़क पर जहां गड्ढे होते हैं वहीं पैचवर्क कर दिया जाता था। नई प्रणाली में पूरी सड़क को एक समान रूप से ‘वॉल-टू-वॉल’ तैयार किया जाएगा, जिससे उसकी मजबूती और आयु दोनों बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पूरी चौड़ाई में समतल और सीलबंद सतह बनने से धूल और वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। अब नए तरीके से सड़कों को बनाने से हवा में उड़ने वाले पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) के स्तर को कम करने में मदद मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व वायु गुणवत्ता बेहतर होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्य दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा करीब 45 विधानसभाओं में किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत 802.18 करोड़ रुपये है। इसमें से 643.36 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के सेंट्रल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (सीआरआईएफ) से प्राप्त होंगे, जबकि 158.82 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार उपलब्ध कराएगी। इस परियोजना को साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार इस परियोजना का उद्देश्य केवल मरम्मत नहीं, बल्कि स्थायी समाधान देना है। सड़क की बेस लेयर की जांच, आवश्यकतानुसार सुदृढ़ीकरण, जल निकासी की व्यवस्था और अंतिम कारपेटिंग जैसे सभी चरणों को तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा किया जाएगा। इससे बरसात में जलभराव की समस्या कम होगी और सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले साल भी दिल्ली सरकार ने इसी तकनीक से करीब 150 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया था।

योजना में जिन सड़कों को ठीक किया जाएगा उनमें मालवीय नगर की अगस्त क्रांति मार्ग, आउटर रिंग रोड, राव तुला राम मार्ग, कापसहेड़ा बिजवासन रोड, नजफगढ़-झाड़ौदा रोड, कालकाजी में कैप्टन गौड़ मार्ग, ग्रेटर कैलाश में लाला लाजपत राय मार्ग, रोहिणी में डॉ. के एन काटजू मार्ग, चांदनी चौक में शामनाथ मार्ग, करोल बाग में डीबी गुप्ता रोड, शाहदरा में ईएसआई अस्पताल रोड, सीमापुरी में तांगा स्टैंड रोड, प्रीत विहार रोड, पटपड़गंज रोड, खिचड़ीपुर रोड, खुदीराम बोस रोड, खजूरी फ्लाईओवर, गोकलपुरी फ्लाईओवर, जीरो पुस्ता रोड, सीलमपुर रोड, लोनी रोड समेत अलग-अलग विधानसभाओं की लगभग 400 किलोमीटर लंबी कुल 241 से ज्यादा प्रमुख सड़कें शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य केवल मरम्मत नहीं, बल्कि स्थायी समाधान देना है। सड़क की बेस लेयर की जांच, आवश्यकतानुसार सुदृढ़ीकरण, जल निकासी की व्यवस्था और अंतिम कारपेटिंग जैसे सभी चरणों को तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा किया जाएगा। इससे बरसात में जलभराव की समस्या कम होगी और सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले साल भी दिल्ली सरकार ने इसी तकनीक से करीब 150 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया था।

योजना में जिन सड़कों को ठीक किया जाएगा उनमें मालवीय नगर की अगस्त क्रांति मार्ग, आउटर रिंग रोड, राव तुला राम मार्ग, कापससहेड़ा बिजवासन रोड, नजफगढ़-झाड़ौदा रोड, कालकाजी में कैप्टन गौड़ मार्ग, ग्रेटर कैलाश में लाला लाजपत राय मार्ग, रोहिणी में डॉ. के एन काटजू मार्ग, चांदनी चौक में शामनाथ मार्ग, करोल बाग में डीबी गुप्ता रोड, शाहदरा में ईएसआई अस्पताल रोड, सीमापुरी में तांगा स्टैंड रोड, प्रीत विहार रोड, पटपड़गंज रोड, खिचड़ीपुर रोड, खुदीराम बोस रोड, खजूरी फ्लाईओवर, गोकलपुरी फ्लाईओवर, जीरो पुस्ता रोड, सीलमपुर रोड, लोनी रोड समेत अलग-अलग विधानसभाओं की लगभग 400 किलोमीटर लंबी कुल 241 से ज्यादा प्रमुख सड़कें शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत सड़कें किसी भी शहर की विकास यात्रा की रीढ़ होती हैं। बेहतर सड़कें होंगी तो यातायात सुगम होगा, दुर्घटनाएं कम होंगी और लोगों का समय बचेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि इस व्यापक सड़क पुनर्विकास अभियान से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि दिल्ली की समग्र छवि और शहरी ढांचा भी सुदृढ़ होगा।

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