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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े मामले में आरोपी नवप्रीत सिंह को शनिवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने अदालत से उसकी 10 दिन की कस्टडी रिमांड मांगी है। पुलिस का आरोप है कि नवप्रीत एक बड़े नार्को-ट्रैफिकिंग नेटवर्क का प्रमुख संचालक है और उससे पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क, उसके सहयोगियों और भारत से बाहर मौजूद कथित संपर्कों के बारे में जानकारी हासिल की जानी है।
नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत डिपोर्ट किए जाने के बाद शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी लाया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उसके भारत लाए जाने की जानकारी दी और इसे भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया। अधिकारियों के मुताबिक नवप्रीत लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर था।
राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी को शनिवार को ही दिल्ली वापस लाया गया था। पुलिस के मुताबिक एयरपोर्ट पहुंचने के बाद नवप्रीत ने कथित तौर पर खुद को चोट पहुंचाई। इसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी का मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट यानी MLC तैयार कराया जा चुका है।
पुलिस अब नवप्रीत को हिरासत में लेकर विस्तार से पूछताछ करना चाहती है। जांच एजेंसी का दावा है कि वह नार्को नेटवर्क की अहम कड़ी है। ऐसे में उसके कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों, नशीले पदार्थों की सप्लाई के रास्तों, वित्तीय लेनदेन और विदेश में मौजूद संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
जांच एजेंसियों के मुताबिक नवप्रीत सिंह उर्फ 'नव' के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक कथित ड्रग सिंडिकेट से जुड़े होने के आरोप हैं। अधिकारियों ने उसे तुर्किये में मौजूद नेटवर्क का कथित सरगना बताया है, जबकि उसके चचेरे भाई प्रभदीप सिंह पर भारत में इस नेटवर्क के संचालन में भूमिका निभाने का आरोप है।
एजेंसियों का दावा है कि नवप्रीत ने तुर्किये में 'नवाब विर्क' नाम से कथित तौर पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल करते हुए वहां की नागरिकता हासिल की थी। उस पर अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को संचालित करने का आरोप लगाया गया है। ये जांच एजेंसियों के आरोप हैं और अदालत में इनकी न्यायिक जांच होनी बाकी है।
इस कथित नेटवर्क की जांच कई साल पुरानी है। अधिकारियों के मुताबिक 2021 में दक्षिण दिल्ली से रिजवान कश्मीरी नाम के एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को व्यापक ड्रग नेटवर्क से संबंधित जानकारियां मिली थीं। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और कई अन्य संदिग्धों तथा कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पहचान की गई।
जांच के दौरान फरीदाबाद में भी भारी मात्रा में हेरोइन बरामद होने की बात सामने आई थी। अधिकारियों के अनुसार, एक वाहन से करीब 166 किलोग्राम और दूसरे वाहन से लगभग 115 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। जांच आगे बढ़ने के बाद एजेंसियों ने नेटवर्क के भारत से बाहर मौजूद कथित संचालकों की भूमिका की पड़ताल शुरू की।
दिल्ली हाई कोर्ट के 2024 के एक आदेश में भी नवप्रीत सिंह का नाम कथित नेटवर्क के मुख्य सरगना के रूप में सामने आया था। उस मामले में अदालत के सामने रखी गई जांच रिपोर्ट में 355 किलोग्राम से अधिक हेरोइन की बरामदगी और आरोपियों के बीच कथित संपर्कों का उल्लेख किया गया था। उस समय जांच एजेंसियों ने नवप्रीत के तुर्किये में होने की आशंका जताई थी।
अब नवप्रीत को भारत लाए जाने के बाद दिल्ली पुलिस के सामने इस नेटवर्क से जुड़ी कई कड़ियों को जोड़ने का अवसर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि कथित तौर पर विदेश से संचालित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे, भारत में नशीले पदार्थ किस रास्ते से पहुंचाए जाते थे और उनकी आगे सप्लाई किस प्रकार की जाती थी।
वित्तीय नेटवर्क की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है। बड़े स्तर की ड्रग तस्करी के मामलों में जांच एजेंसियां आम तौर पर रकम के लेनदेन, बैंक खातों और अन्य वित्तीय माध्यमों की भी जांच करती हैं। हालांकि नवप्रीत से जुड़े इस मामले में पुलिस की विस्तृत पूछताछ के बाद ही नई जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।
दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का काम राष्ट्रीय राजधानी में नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ना और NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई करना है। यह इकाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो समेत अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय भी करती है।
नवप्रीत को तुर्किये से वापस लाने की प्रक्रिया में भारतीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए समन्वय की भी अहम भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की कथित फर्जी पहचान की पुष्टि करने के बाद उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
अब अदालत को दिल्ली पुलिस की 10 दिन की कस्टडी रिमांड की मांग पर फैसला करना है। पुलिस का तर्क है कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ पूरे कथित नार्को नेटवर्क की परतें खोलने के लिए जरूरी है। जांच में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों या सहयोगियों के खिलाफ भी आगे की कार्रवाई संभव हो सकती है।
फिलहाल नवप्रीत सिंह के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। पुलिस उसे कथित नेटवर्क का सरगना बता रही है, लेकिन आरोपों की अंतिम सत्यता अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी। तुर्किये से भारत लाए जाने के बाद उसकी कोर्ट में पेशी के साथ इस बहुचर्चित ड्रग नेटवर्क मामले की जांच अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है।
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