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आस्था कुंज मामले पर DU छात्रों का प्रदर्शन

Ratna Netam
3 Oct 2026 4:31 PM IST
आस्था कुंज मामले पर DU छात्रों का प्रदर्शन
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नई दिल्ली। दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का विरोध जारी है। लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR), गार्गी कॉलेज, कमला नेहरू कॉलेज समेत विभिन्न कॉलेजों के छात्र महिला सुरक्षा और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन कर रही छात्राओं की सराहना करते हुए महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर आवाज उठाने का समर्थन किया।
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि उन्हें LSR और दूसरे कॉलेजों की उन छात्राओं पर गर्व है, जिन्होंने महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के विरोध में आवाज उठाई है। उन्होंने सवाल किया कि महिलाओं से डर में रहने या अन्याय सहने की उम्मीद क्यों की जानी चाहिए और उन पर हमला करने वालों की जवाबदेही सुनिश्चित क्यों नहीं होती।
आस्था कुंज पार्क में 21 सितंबर को 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान पीड़िता ने तिहाड़ जेल में हुई टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड में तीनों आरोपियों की पहचान भी की। पुलिस ने मामला POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया है।
इस घटना के सामने आने के बाद महिला सुरक्षा को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों में आक्रोश बढ़ गया। LSR की छात्राओं ने शुरुआती दिनों में कॉलेज के पास एकजुटता मार्च निकाला था। प्रदर्शन में छात्राओं ने पीड़िता के साथ एकजुटता जताने के साथ सार्वजनिक स्थानों और कॉलेजों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
इसके बाद आंदोलन में दिल्ली विश्वविद्यालय के दूसरे कॉलेजों के छात्र भी शामिल होने लगे। अलग-अलग प्रदर्शनों में छात्रों ने बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग, सुरक्षित सार्वजनिक स्थान, प्रभावी निगरानी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई जैसे मुद्दे उठाए। हाल में बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ आर्ट्स में भी एकत्र हुए और महिला सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।
गार्गी कॉलेज और कमला नेहरू कॉलेज के आसपास भी छात्रों ने मार्च निकालकर अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि महिला सुरक्षा का मुद्दा केवल एक घटना या एक कॉलेज तक सीमित नहीं है। कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं के लिए सड़कों, पार्कों, सार्वजनिक परिवहन और अन्य सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाना जरूरी है।
आस्था कुंज की घटना के बाद पार्क की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आई। रिपोर्टों के मुताबिक घटना के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण ने अपने 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट कराया। इसमें केवल 16 पार्कों में चालू CCTV कैमरे मिलने और 190 पार्कों को हाई-रिस्क श्रेणी में रखे जाने की जानकारी सामने आई।
सुरक्षा ऑडिट के बाद DDA ने पार्कों में निगरानी व्यवस्था बढ़ाने की योजना बनाई है। इसमें कई पार्कों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, रात्रि गश्त और CCTV कैमरों जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करना शामिल है। आस्था कुंज मामले के बाद सार्वजनिक पार्कों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ा है।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सुप्रीम कोर्ट ने आस्था कुंज की घटना समेत दिल्ली-NCR में सामने आए महिलाओं के खिलाफ कुछ अपराधों का स्वतः संज्ञान लिया। अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े व्यापक सवालों पर ध्यान दिया।
घटना के बाद LSR ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कुछ समय के लिए कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित करने का कदम भी उठाया था। कॉलेज के आसपास सुरक्षा को लेकर छात्राओं की चिंताओं के बीच यह फैसला सामने आया था।
पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, तीन लोगों ने कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर किशोरी और उसके दोस्त को रोका था। इसके बाद उन्हें धमकाया गया और किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता के दोस्त ने बाद में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच शुरू कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच एजेंसियां मामले में फोरेंसिक साक्ष्यों पर भी काम कर रही हैं। घटनास्थल से जैविक नमूने जुटाए गए हैं और डीएनए जांच के जरिए वैज्ञानिक साक्ष्यों को आरोपियों से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।
इस बीच छात्रों का प्रदर्शन महिला सुरक्षा पर व्यापक बहस का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारी छात्र केवल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर रोशनी, CCTV कैमरे, नियमित पुलिस गश्त और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठा रहे हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रतिक्रिया भी इसी छात्र आंदोलन के बीच सामने आई है। उन्होंने छात्राओं की आवाज को महिला सुरक्षा और सम्मान के व्यापक सवाल से जोड़ा। कांग्रेस नेता की टिप्पणी राजनीतिक प्रतिक्रिया है, जबकि मामले की आपराधिक जांच पुलिस और संबंधित एजेंसियों के स्तर पर जारी है।
आस्था कुंज की घटना के बाद दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी गतिविधियां बढ़ी हैं। पार्कों का सुरक्षा ऑडिट, CCTV और प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा तथा रात्रि निगरानी बढ़ाने जैसे कदमों पर काम किया जा रहा है।
फिलहाल छात्रों का मुख्य संदेश यही है कि महिलाओं और छात्राओं को सार्वजनिक स्थानों पर बिना डर के आने-जाने का अधिकार मिलना चाहिए। आस्था कुंज मामले ने एक बार फिर दिल्ली में महिला सुरक्षा, पार्कों की निगरानी और कॉलेज परिसरों के आसपास सुरक्षा इंतजामों को सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
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