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स्मित मच्छार की बहादुरी पर मोदी-ट्रंप-नेतन्याहू ने की तारीफ, CJP की चुप्पी पर सोशल मीडिया में सवाल

Kavita2
1 Oct 2026 11:35 AM IST
स्मित मच्छार की बहादुरी पर मोदी-ट्रंप-नेतन्याहू ने की तारीफ, CJP की चुप्पी पर सोशल मीडिया में सवाल
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नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की उड़ान में गंभीर संकट के दौरान यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा दुनियाभर में हो रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी की सार्वजनिक रूप से सराहना की है। इस बीच हाल के महीनों में अपने आंदोलनों और सोशल मीडिया गतिविधियों के कारण चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP को लेकर भी एक अलग बहस शुरू हो गई है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि इतनी बड़ी घटना पर संगठन की ओर से अब तक कोई प्रमुख सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्यों नजर नहीं आई।

कैप्टन स्मित मच्छार बुधवार को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के कैप्टन थे। विमान में 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में उनके को-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने हार नहीं मानी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों, क्रू और ऑफ-ड्यूटी पायलटों को हस्तक्षेप करने का मौका मिला और हमलावर को काबू किया गया। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।

इस घटना के बाद सबसे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित की भूमिका की सराहना की। उन्होंने भारतीय पायलट की बहादुरी को हादसा टालने में महत्वपूर्ण बताया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित को ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि भारत को उनकी बहादुरी पर गर्व है। मोदी ने बाद में उनके परिवार से भी फोन पर बात की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय कैप्टन की तारीफ की। ट्रंप ने स्मित मच्छार को ‘हीरो’ बताया और कहा कि उनकी बहादुरी ने एक बड़े हादसे को रोकने में मदद की। ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत की थी।

तीन देशों के शीर्ष नेताओं की प्रतिक्रिया के बाद कैप्टन स्मित का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। इजरायल में भी सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी बहादुरी की तारीफ की। कई लोगों ने उनके साहस और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की प्रशंसा की।

इसी बीच भारत में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। CJP हाल के महीनों में बेरोजगारी, परीक्षाओं, चुनाव आयोग और दूसरे सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी सक्रियता के कारण सुर्खियों में रही है। संगठन ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी आंदोलन की चेतावनी दी थी।

एक सोशल मीडिया यूजर ने गुरुवार को प्रकाशित पोस्ट में सवाल उठाया कि जब दुनिया के कई बड़े नेता भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं तो CJP की ओर से इस घटना को लेकर कोई प्रतिक्रिया क्यों दिखाई नहीं दे रही। यूजर ने संगठन की सोशल मीडिया टाइमलाइन का जिक्र करते हुए इस मुद्दे को उठाया।

हालांकि किसी सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी विषय से जुड़ी पोस्ट दिखाई न देना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि संबंधित संगठन या उसके सभी नेताओं ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। गुरुवार तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध और आसानी से सत्यापित वेब रिकॉर्ड में CJP की ओर से कैप्टन स्मित मच्छार की घटना पर कोई प्रमुख आधिकारिक बयान सामने नहीं मिला। संगठन के सोशल मीडिया पोस्ट लगातार अपडेट हो सकते हैं, इसलिए इसे अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।

CJP इस साल तेजी से चर्चा में आई है। अभिजीत दीपके इसके प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। संगठन ने बेरोजगारी और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया अभियान और प्रदर्शन किए हैं। हाल ही में इसके नेता चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे को लेकर भी सक्रिय दिखाई दिए थे।

यही वजह है कि सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स अब कैप्टन स्मित के मामले को लेकर भी संगठन की प्रतिक्रिया तलाश रहे हैं। यह बहस मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि अलग-अलग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले संगठनों को किन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए।

दूसरी तरफ कैप्टन स्मित को लेकर भारत और विदेशों में प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है। गंभीर चोट के बाद उनका इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। उनके साहस की चर्चा केवल राजनीतिक नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों और आम नागरिकों ने भी उनकी प्रशंसा की है।

मुंबई के रहने वाले कैप्टन स्मित मच्छार लंबे समय से विमानन क्षेत्र से जुड़े हैं। उनके पास हजारों घंटे की उड़ान का अनुभव है। घटना के दौरान उन्होंने जिस तरह गंभीर चोटों के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने और अन्य लोगों को हस्तक्षेप का मौका देने का प्रयास किया, उसे विमान में सवार लोगों की जान बचाने वाले महत्वपूर्ण कदम के रूप में बताया जा रहा है।

फिलहाल घटना की जांच जारी है और को-पायलट के कथित हमले के पीछे की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। लेकिन कैप्टन स्मित की बहादुरी को लेकर भारत, अमेरिका और इजरायल के शीर्ष नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं।

इसी के समानांतर सोशल मीडिया पर CJP की कथित चुप्पी को लेकर शुरू हुई चर्चा भी ध्यान खींच रही है। अभी तक उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड में संगठन का कोई प्रमुख सत्यापित बयान नहीं मिला है, लेकिन यह स्थिति बदल सकती है। ऐसे में किसी संगठन के पूरे रुख का निष्कर्ष केवल उसकी टाइमलाइन पर तत्काल पोस्ट नहीं दिखने के आधार पर निकालना उचित नहीं होगा।

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