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New Delhi, नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसे पाकिस्तान की "निराशा" पर कोई टिप्पणी करने की ज़रूरत नहीं है। यह प्रतिक्रिया तब आई जब इस्लामाबाद ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर को "भारत का अहम हिस्सा" बताने वाले हालिया बयानों के बाद एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को तलब किया।राष्ट्रीय राजधानी में विदेश मंत्रालय की पाक्षिक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए जायसवाल ने कहा, "मैं फिर दोहराता हूं, जम्मू, कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं। वे थे, हैं और हमेशा रहेंगे।"गोर के बयानों पर पाकिस्तान द्वारा राजनयिक विरोध जताए जाने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "मुझे पाकिस्तान की निराशा पर टिप्पणी करने का कोई कारण नहीं दिखता। मुझे बस इतना ही कहना है।" इस्लामाबाद ने बुधवार को अमेरिकी 'चार्ज डी अफेयर्स' (राजदूत की अनुपस्थिति में कार्यभार संभालने वाले अधिकारी) को तलब किया और विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में उनके बयान "तथ्यात्मक रूप से गलत" थे और कश्मीर पर वाशिंगटन के लंबे समय से चले आ रहे रुख के विपरीत थे।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि इस्लामाबाद द्वारा अमेरिकी राजनयिक को तलब करना पाकिस्तान और अमेरिका के बीच का मामला है।सर्जियो गोर ने बुधवार को श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद जम्मू-कश्मीर को "भारत का अहम हिस्सा" बताया था। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने और 2025 में पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमले के बाद केंद्र शासित प्रदेश की यह अमेरिकी दूत की पहली स्वतंत्र यात्रा थी।
बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए गोर ने जम्मू-कश्मीर को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश और केंद्र सरकार के सुरक्षा प्रयासों की सराहना की। साथ ही, उन्होंने वाशिंगटन के रुख में संभावित बदलाव का संकेत देते हुए कहा कि अमेरिका J&K के लिए अपनी उच्चतम-स्तरीय यात्रा चेतावनी (travel warning) का पुनर्मूल्यांकन कर सकता है और उसे "कम" (downgrade) कर सकता है।
गोर ने कहा था, "यह भारत का एक अहम हिस्सा है और इसलिए मैं पहली बार यहां आया हूं। यह बेहद खूबसूरत जगह है, और मैं यहां आकर और इस जगह को देखकर बहुत उत्साहित हूं। हमारी बहुत अच्छी बैठक हुई, और कुछ बातें हैं जिन पर आगे काम किया जाएगा और जिन्हें हम वाशिंगटन और दिल्ली वापस ले जाएंगे। लेकिन, बातचीत बहुत गर्मजोशी भरी और सौहार्दपूर्ण रही, और हम इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।" अमेरिकी दूत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को "और ज़्यादा सुरक्षित" बनाने के लिए कुछ "बेहतरीन कदम" उठाए गए हैं और अमेरिका अपनी ट्रैवल एडवाइज़री की समीक्षा करेगा। गौरतलब है कि अभी अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए लेवल 4 की "यात्रा न करें" वाली एडवाइज़री जारी कर रखी है।
गोर ने कहा, "अमेरिका यात्रा से जुड़ी चेतावनियां जारी करता है और समय-समय पर हम उनकी समीक्षा भी करते हैं। मैं आज यहां कोई बड़ी घोषणा तो नहीं कर सकता, लेकिन हम इस पर ज़रूर विचार करेंगे। हमारा मानना है कि नई दिल्ली और यहां की सरकार ने इस इलाके को ज़्यादा सुरक्षित बनाने के लिए कुछ बेहतरीन कदम उठाए हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "इसलिए, हम देखेंगे कि क्या यात्रा संबंधी चेतावनी... को कम किया जा सकता है। यह एक खूबसूरत इलाका है, मुझे लगता है कि बहुत से अमेरिकी यहां आकर इसकी खूबसूरती और यहां मौजूद मौकों का आनंद लेंगे।"





