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केजरीवाल का दावा: जेन अल्फा अब सरकारी स्कूलों की सुविधाओं के लिए उठा रहा आवाज

नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जेन जेड के बाद अब जेन अल्फा पीढ़ी भी सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाओं और बुनियादी व्यवस्थाओं की मांग को लेकर आवाज उठाने लगी है।
अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह बात कही। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में बच्चे अब अपने अधिकारों और जरूरतों को लेकर जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर छात्र बेहतर सड़क, पर्याप्त शिक्षकों और स्कूलों में जरूरी सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
बच्चों की मांगों का किया जिक्र
ये 15 अगस्त और भी ज़्यादा ख़ास है,
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 15, 2026
Gen Z के बाद अब Gen Alpha ने मोर्चा संभाल लिया है। देश के कोने-कोने में बच्चे अपने स्कूल को ठीक करवाने के लिए लड़ रहे हैं। वे अपने स्कूल के लिए desks, साफ पानी, toilets और शिक्षकों जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
हमारे बच्चों ने… pic.twitter.com/iU9OD2ArtN
केजरीवाल ने अपनी पोस्ट में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर, उत्तराखंड के देहरादून और राजस्थान के बाड़मेर जैसे क्षेत्रों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर छात्र स्कूलों से जुड़ी बुनियादी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों की मांगें बहुत सामान्य हैं, जिनमें बेहतर पहुंच मार्ग, पर्याप्त संख्या में शिक्षक और पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं शामिल हैं। केजरीवाल ने कहा कि यह बदलाव दिखाता है कि नई पीढ़ी अपने भविष्य और शिक्षा को लेकर पहले से अधिक जागरूक हो रही है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्कूल सुविधाएं मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी देश के विकास की नींव होती है और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
केजरीवाल ने कहा कि जब बच्चे अपने स्कूलों की समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं तो यह इस बात का संकेत है कि वे अपने अधिकारों को समझने लगे हैं।
जेन जेड और जेन अल्फा का उल्लेख
केजरीवाल ने अपने बयान में जेन जेड और जेन अल्फा पीढ़ी का जिक्र किया। जेन जेड आमतौर पर उन लोगों को कहा जाता है जिनका जन्म लगभग 1997 से 2012 के बीच हुआ है, जबकि जेन अल्फा पीढ़ी में 2010 के बाद जन्म लेने वाले बच्चे शामिल माने जाते हैं।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी केवल जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने आसपास की समस्याओं को समझकर उनके समाधान की मांग भी कर रही है।
स्वतंत्रता दिवस पर दिया संदेश
अरविंद केजरीवाल ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि आजादी का मतलब केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि हर नागरिक को बेहतर अवसर और सुविधाएं मिलना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है, जब बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
सरकारी स्कूलों की भूमिका अहम
केजरीवाल ने कहा कि सरकारी स्कूल देश के करोड़ों बच्चों के भविष्य से जुड़े हुए हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अच्छी सुविधाएं देना जरूरी है, ताकि वे भी आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त कर सकें।
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में सुधार को देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाना चाहिए।
बच्चों की भागीदारी को बताया सकारात्मक संकेत
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का अपनी समस्याओं को लेकर सामने आना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने इसे सकारात्मक बदलाव बताया और कहा कि इससे पता चलता है कि युवा पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर गंभीर है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की आवाज को सुना जाना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
शिक्षा सुधार पर जारी बहस
केजरीवाल के इस बयान के बाद सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। देश के कई राज्यों में स्कूलों में शिक्षकों की कमी, भवन, परिवहन और अन्य सुविधाओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर शिक्षा के लिए केवल पाठ्यक्रम ही नहीं, बल्कि स्कूलों का माहौल और बुनियादी सुविधाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं।
अरविंद केजरीवाल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संदेश में नई पीढ़ी की जागरूकता को रेखांकित करते हुए कहा कि बच्चों की आवाज को महत्व देना और उनकी जरूरतों को पूरा करना देश के भविष्य के लिए जरूरी है।





