- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- INDIA गठबंधन के सांसद...
दिल्ली-एनसीआर
INDIA गठबंधन के सांसद आज राष्ट्रपति से मिलेंगे CEC के इस्तीफे की मांग
Ratna Netam
9 Oct 2026 3:09 PM IST

x
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच INDIA गठबंधन के सांसद शुक्रवार को राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन के सांसद शाम 5 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में एकत्र होंगे, जिसके बाद रात 8 बजे राष्ट्रपति से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात निर्धारित है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां की गई हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध लगातार तीसरे दिन भी चर्चा में रहा। गुरुवार को INDIA गठबंधन के सदस्यों ने राजघाट पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों को उठाना आवश्यक है।
शाम 5 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में जुटेंगे सांसद
सूत्रों के अनुसार, INDIA गठबंधन के सांसद शुक्रवार शाम 5 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में एकत्र होने वाले हैं। इसके बाद गठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा।राष्ट्रपति से मुलाकात का समय रात 8 बजे निर्धारित बताया गया है। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले सांसदों की संख्या और उनके नामों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।यह मुलाकात ऐसे समय प्रस्तावित है, जब विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।विपक्ष का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा हुआ है।राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान विपक्षी प्रतिनिधिमंडल किन विशेष मांगों या दस्तावेजों को प्रस्तुत करेगा, इसका आधिकारिक विवरण अभी सामने नहीं आया है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष
INDIA गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं।उनका आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और इस मुद्दे पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।विपक्षी दलों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।हालांकि, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को चुनाव आयोग और भाजपा ने खारिज कर दिया है।इस मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। विपक्ष जहां मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों से असहमति जता चुके हैं।
गुरुवार को राजघाट पहुंचे INDIA गठबंधन के सदस्य
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार को INDIA गठबंधन के सदस्यों ने दिल्ली स्थित राजघाट का दौरा किया।राजघाट महात्मा गांधी का स्मृति स्थल है। यहां विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं।विपक्षी गठबंधन के सदस्यों का राजघाट पहुंचना उस समय हुआ, जब राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का लगातार तीसरा दिन था।हालांकि, राजघाट के कार्यक्रम में किन-किन नेताओं ने भाग लिया और वहां क्या औपचारिक गतिविधियां आयोजित की गईं, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
लगातार तीसरे दिन विरोध प्रदर्शन
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी रहा।विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची से जुड़े आरोपों को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से संबंधित सवालों का समाधान होना चाहिए।इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है।विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों में मतदाता सूची की विश्वसनीयता प्रमुख है। हालांकि, कथित अनियमितताओं के संबंध में किसी विशेष निर्वाचन क्षेत्र, मतदाताओं की संख्या या दस्तावेजी प्रमाण का विस्तृत उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।इसलिए आरोपों को फिलहाल विपक्ष के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
चुनाव आयोग और BJP ने आरोपों को किया खारिज
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों की ओर से लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग और भाजपा ने असहमति जताई है।दोनों ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों से जुड़े विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चुनाव आयोग और भाजपा की ओर से जारी विस्तृत बयान या उनके जवाब के सभी बिंदु शामिल नहीं हैं।चुनावी प्रक्रिया से जुड़े किसी भी विवाद में संबंधित पक्षों के दावों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होती है।मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन करने की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित होती है।ऐसे मामलों में किसी विशेष गड़बड़ी की पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड, शिकायतों और सक्षम प्राधिकारी की जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
मतदाता सूची को लेकर क्यों उठते हैं सवाल?
लोकतांत्रिक चुनावों में मतदाता सूची की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी सूची के आधार पर पात्र नागरिक अपने मतदान अधिकार का उपयोग करते हैं।भारत में मतदाता सूची तैयार करने और उसमें आवश्यक संशोधन करने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की होती है।मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलत विवरण सुधारने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपात्र या दोहराए गए नाम हटाने का प्रावधान है।यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से हटाया जाता है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराने और सुधार की मांग करने का अधिकार मिलता है।हालांकि, मतदाता सूची में होने वाला प्रत्येक संशोधन अनियमितता नहीं होता। किसी बदलाव की वैधता का आकलन संबंधित तथ्यों और नियमों के आधार पर किया जाता है।वर्तमान विवाद में विपक्षी दल इसी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग और भाजपा आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात पर टिकी नजर
INDIA गठबंधन के सांसदों की राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।सूत्रों के अनुसार, सांसद पहले शाम 5 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में एकत्र होंगे और उसके बाद रात 8 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।इस मुलाकात के दौरान विपक्षी प्रतिनिधिमंडल मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उठाई गई मांगों से संबंधित मुद्दे रख सकता है। हालांकि, मुलाकात का आधिकारिक एजेंडा उपलब्ध नहीं है।फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद गठबंधन की ओर से कोई संयुक्त बयान जारी किया जाएगा या नहीं।दिल्ली में लगातार जारी विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है।अब राष्ट्रपति से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात और उसके बाद सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी पर नजर रहेगी।
Next Story





