- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- India-अमेरिका ने रेयर...
India-अमेरिका ने रेयर अर्थ मिनरल्स सप्लाई पर किया अहम समझौता

Delhi दिल्ली: ग्लोबल कूटनीतिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत भारत और अमेरिका ने आवश्यक खनिजों और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई और प्रोसेसिंग को लेकर एक ऐतिहासिक रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच ऊर्जा, तकनीक और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
यह द्विपक्षीय समझौता मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान साइन किया गया। इस मौके पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने औपचारिक रूप से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि यह पहल दोनों देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से खनन, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और निवेश सहित पूरी सप्लाई चेन में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने इसे आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से एक बड़ा कदम बताया।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस अवसर पर कहा कि भारत और अमेरिका दोनों देशों को लंबे समय तक भरोसेमंद और स्थिर मिनरल सप्लाई की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक अर्थव्यवस्था में ये खनिज बेहद अहम भूमिका निभाते हैं और तकनीकी विकास के लिए आवश्यक आधार तैयार करते हैं।
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक स्तर पर रेयर अर्थ और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में। इस साझेदारी को दोनों देशों के बीच सप्लाई चेन सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारत को न केवल तकनीकी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि वैश्विक खनिज आपूर्ति व्यवस्था में भी उसकी भूमिका मजबूत होगी। वहीं अमेरिका को भी एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थिर सप्लाई चैन का लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर यह समझौता भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।





