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DUSU चुनाव में निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीता उपाध्यक्ष पद, 30,615 वोट किए हासिल

Kavita2
19 Sept 2026 5:29 PM IST
DUSU चुनाव में निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीता उपाध्यक्ष पद, 30,615 वोट किए हासिल
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजे शनिवार को 20 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद घोषित कर दिए गए। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बड़ी जीत दर्ज की। पूर्व में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से जुड़े रहे शौकीन ने 30,615 वोट हासिल किए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के इशू मौर्य को 16,910 वोट मिले, जबकि NSUI के वीर छत्रथ 4,313 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

इस चुनाव में चार केंद्रीय पदों में से तीन पर ABVP ने जीत हासिल की, जबकि उपाध्यक्ष का पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के खाते में गया। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे।

उपाध्यक्ष पद पर 13 हजार से अधिक वोटों का अंतर

दीपांशु शौकीन की जीत का अंतर भी उल्लेखनीय रहा। उन्हें 30,615 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहे इशू मौर्य को 16,910 वोट मिले। इस तरह दोनों के बीच 13,705 वोटों का अंतर रहा। NSUI के वीर छत्रथ को 4,313 वोट मिले।

मतगणना के शुरुआती चरणों से ही उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु मजबूत स्थिति में दिखाई दिए थे। शुरुआती राउंड में ABVP सभी चार पदों पर आगे थी, लेकिन बाद में उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु ने बढ़त बनाई और अंतिम नतीजे तक इसे बरकरार रखा।

पहले NSUI से जुड़े थे दीपांशु

दीपांशु शौकीन इससे पहले NSUI से जुड़े रहे हैं। चुनाव से पहले उन्होंने NSUI से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन संगठन की ओर से उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया।

चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने छात्र आवास, हॉस्टल और कैंपस से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद छात्रों के रहने की स्थिति और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा उनके प्रचार का प्रमुख हिस्सा बना।

प्रचार के दौरान नंगे पैर घूमे शौकीन

दीपांशु शौकीन अपने चुनाव प्रचार के तरीके को लेकर भी चर्चा में रहे। वह चुनाव प्रचार के दौरान नंगे पैर छात्रों के बीच पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार, सत्य निकेतन हादसे के बाद उन्होंने न्याय मिलने तक जूते नहीं पहनने का संकल्प लिया था।

उन्होंने बड़े छात्र संगठनों के प्रत्याशियों के मुकाबले निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर व्यक्तिगत संपर्क और छात्र मुद्दों पर जोर दिया। प्रचार के दौरान सोशल मीडिया की भूमिका भी इस बार DUSU चुनाव में महत्वपूर्ण रही।

अध्यक्ष पद पर यश डबास की जीत

DUSU के अध्यक्ष पद पर ABVP उम्मीदवार यश डबास ने जीत हासिल की। उन्हें 24,576 वोट मिले। NSUI के विजय शंकर मीणा ने 22,523 वोट हासिल किए। दोनों के बीच 2,053 मतों का अंतर रहा।

अध्यक्ष पद पर मतगणना के दौरान मुकाबला कई चरणों में करीबी रहा। शुरुआती रुझानों में बढ़त बदलती रही, लेकिन अंतिम मतगणना में यश डबास विजेता घोषित किए गए।

सचिव और संयुक्त सचिव पद भी ABVP के खाते में

सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी ने जीत दर्ज की। उन्हें 21,650 वोट मिले। वहीं संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह 16,615 वोट हासिल कर विजयी रहे। संयुक्त सचिव पद पर निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव को 15,778 और NSUI के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले।

इस तरह चार केंद्रीय पदों में अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव ABVP के खाते में गए, जबकि उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की। NSUI इस बार चारों केंद्रीय पदों में से किसी पर जीत दर्ज नहीं कर सकी।

40.46 प्रतिशत हुआ था मतदान

DUSU चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर को हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इस बार 1.51 लाख से अधिक छात्र मतदान के लिए पात्र थे और कुल मतदान प्रतिशत 40.46 रहा। मतगणना शनिवार सुबह आठ बजे नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में शुरू हुई थी।

मतगणना के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। परिणाम घोषित होने से पहले विश्वविद्यालय अधिकारियों ने विजेता प्रत्याशियों और उनके समर्थकों से परिसर के भीतर या बाहर विजय जुलूस नहीं निकालने को कहा। यह निर्देश दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों के मद्देनजर दिया गया था।

हॉस्टल और छात्र सुविधाओं पर रहा चुनावी फोकस

इस बार DUSU चुनाव प्रचार में छात्र आवास, हॉस्टल, कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। विभिन्न छात्र संगठनों और उम्मीदवारों ने इन विषयों को लेकर अपने-अपने प्रस्ताव छात्रों के सामने रखे।

दीपांशु शौकीन ने भी अपने अभियान में छात्र आवास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी। जीत के बाद उनकी ओर से हॉस्टल के मुद्दे पर काम करने की बात कही गई है।

निर्दलीय जीत बनी चुनाव की प्रमुख घटना

DUSU के चार प्रमुख पदों में से तीन पर ABVP की जीत के साथ उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन का निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीतना चुनाव की प्रमुख घटनाओं में शामिल रहा। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों ने इसे DUSU के उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की ऐतिहासिक जीत बताया है।

हालांकि उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों में DUSU के पूरे ऐतिहासिक रिकॉर्ड की आधिकारिक सूची आसानी से उपलब्ध नहीं है, इसलिए उन्हें “इतिहास के पहले निर्दलीय उपाध्यक्ष” बताने के दावे को विश्वविद्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड से अलग से सत्यापित करना उचित होगा।

फिलहाल घोषित नतीजों के अनुसार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद अपने नाम किया है। बड़े छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के बीच निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उनकी जीत ने इस बार के DUSU चुनाव में अलग राजनीतिक तस्वीर पेश की है।

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