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युवाओं को बड़ी सौगात 51 हजार सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र
Ratna Netam
19 Sept 2026 4:54 PM IST

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 19 सितंबर को 20वें रोजगार मेले के तहत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में चयनित **51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र** वितरित किए। प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए और नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित किया। देशभर में रोजगार मेले का आयोजन 45 स्थानों पर किया गया। सरकार के मुताबिक 20वें रोजगार मेले को मिलाकर अब तक करीब **12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र** दिए जा चुके हैं।प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी सेवा में उनका प्रवेश केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसके साथ देश और नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी भी जुड़ी है। उन्होंने युवाओं से सरकारी व्यवस्था में आने के बाद आम लोगों की समस्याओं को समझने और प्रशासनिक बाधाओं को कम करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
45 जगहों पर आयोजित हुआ रोजगार मेला
20वां रोजगार मेला देश के 45 स्थानों पर आयोजित किया गया। इसके माध्यम से चयनित उम्मीदवार केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में अपनी सेवाएं देंगे।इनमें राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय सहित कई विभाग शामिल हैं। सरकार ने रोजगार मेले को केंद्र की भर्ती प्रक्रिया को मिशन मोड में आगे बढ़ाने वाली पहल के रूप में पेश किया है।रोजगार मेले की शुरुआत अक्टूबर 2022 में की गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इसके 20 संस्करण पूरे हो चुके हैं और इनके जरिए करीब 12.75 लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।
युवाओं और उनके परिवारों को दी बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 51 हजार से अधिक युवाओं के लिए सरकारी सेवा में प्रवेश का दिन उनके परिवारों के लिए भी खुशी का अवसर है।उन्होंने कहा कि युवाओं ने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है, लेकिन इसके पीछे उनके माता-पिता और परिवार के सदस्यों की मेहनत और योगदान भी है। प्रधानमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।प्रधानमंत्री ने युवाओं को विकसित भारत की यात्रा से जोड़ते हुए कहा कि देश की युवा शक्ति इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनके मुताबिक सरकारी सेवा में आने वाले युवाओं के प्रशासनिक फैसलों का प्रभाव देश के विकास और आम नागरिकों के जीवन पर पड़ेगा।
सरकारी सिस्टम में आने के बाद बढ़ी जिम्मेदारी
पीएम मोदी ने नवनियुक्त कर्मचारियों को विशेष रूप से नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नौकरी पाने से पहले युवाओं या उनके परिवारों ने सरकारी व्यवस्था में जिन परेशानियों का सामना किया होगा, अब सरकारी सिस्टम का हिस्सा बनने के बाद उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि दूसरों को वैसी परेशानी न उठानी पड़े।प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी फाइल पर हस्ताक्षर या प्रशासनिक फैसला ऐसा होना चाहिए जिससे युवाओं की आकांक्षाओं को आगे बढ़ने में मदद मिले और अनावश्यक बाधाएं दूर हों। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों की रफ्तार बनाए रखने पर भी जोर दिया।
Mission Karmayogi का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण और कौशल विकास से जुड़े 'मिशन कर्मयोगी' का भी जिक्र किया। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद सीखने की प्रक्रिया समाप्त नहीं होती, बल्कि निरंतर सीखने की नई यात्रा शुरू होती है।प्रधानमंत्री के अनुसार देश के अलग-अलग क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों को भी नई तकनीक, आधुनिक व्यवस्थाओं और बदलते कामकाज को लगातार समझना होगा।उन्होंने बताया कि **iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म से 1.7 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी जुड़ चुके हैं**। नए कर्मचारियों के लिए 'कर्मयोगी प्रारंभ' मॉड्यूल विशेष रूप से तैयार किया गया है।
तकनीक के साथ खुद को अपडेट रखने की सलाह
प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते समय में नई तकनीकों और प्रणालियों को समझना जरूरी है।मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य भी सरकारी कर्मचारियों की क्षमता को बढ़ाना और उन्हें उनकी भूमिका के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मचारी जितना खुद को बेहतर बनाएंगे, उतनी ही बेहतर तरीके से देश के नागरिकों की सेवा कर सकेंगे।
'नागरिक देवो भव:' का दिया मंत्र
पीएम मोदी ने सरकारी कर्मचारियों से आम नागरिक को प्रशासन के केंद्र में रखने की बात कही। उन्होंने बुजुर्गों की पेंशन, विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति और किसानों को मिलने वाली सरकारी सहायता जैसे उदाहरण दिए।उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकारी कर्मचारी का व्यवहार, संवेदनशीलता, कार्यकुशलता और ईमानदारी यह तय करती है कि आम नागरिक का सरकार के साथ अनुभव कैसा रहता है।प्रधानमंत्री ने नए कर्मचारियों को **'नागरिक देवो भव:'** का मंत्र देते हुए कहा कि नागरिक की सेवा ही राष्ट्र की सेवा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सफलता तब और बड़ी होगी जब उनके काम से किसी नागरिक का जीवन आसान होगा।
स्किल डेवलपमेंट पर सरकार का फोकस
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं के कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्किल इंडिया मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं की शिक्षा और कौशल बदलती अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप हों।प्रधानमंत्री ने PM-SETU योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एक हजार सरकारी ITI को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इसमें उद्योगों की भागीदारी भी रखी गई है।
स्टार्टअप में छोटे शहरों की बढ़ती हिस्सेदारी
प्रधानमंत्री ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम का जिक्र करते हुए कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप की कहानी अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है।प्रधानमंत्री के अनुसार करीब आधे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं। उन्होंने कहा कि गांवों, कस्बों और छोटे शहरों के युवा भी नई अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
रोजगार बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र का भी जिक्र
पीएम मोदी ने सरकारी नियुक्तियों के साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने की सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है और इसका लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को पहली बार औपचारिक कार्यबल से जोड़ना है।सरकार के मुताबिक योजना में पहली बार नौकरी पाने वाले पात्र कर्मचारियों के लिए 15 हजार रुपये तक के प्रोत्साहन और नए रोजगार पैदा करने वाले नियोक्ताओं के लिए भी सहायता का प्रावधान है।
रोजगार मेले से अब तक 12.75 लाख नियुक्ति पत्र
सरकारी आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय रोजगार मेला अक्टूबर 2022 में शुरू हुआ था। शुरुआती लक्ष्य केंद्र सरकार की भर्तियों को तेजी से पूरा करना और खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को मिशन मोड में आगे बढ़ाना था।सितंबर 2026 के 20वें संस्करण में 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र बांटे जाने के बाद इस पहल के तहत वितरित नियुक्ति पत्रों की कुल संख्या करीब **12.75 लाख** हो गई है।हालांकि यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि रोजगार मेले में दिए गए नियुक्ति पत्र अलग-अलग मंत्रालयों और सरकारी संगठनों की भर्ती प्रक्रियाओं में चयनित उम्मीदवारों को दिए जाते हैं। रोजगार मेला स्वयं कोई अलग भर्ती परीक्षा नहीं है।
विकसित भारत से जोड़ा सरकारी कर्मचारियों का काम
प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि वे ऐसे समय सरकारी सेवा में प्रवेश कर रहे हैं जब देश 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में काम करने की बात कर रहा है।उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की भूमिका को नागरिकों के दैनिक अनुभव से जोड़ते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक प्रभाव कर्मचारियों के काम के जरिए लोगों तक पहुंचता है। इसीलिए कार्यकुशलता के साथ संवेदनशीलता और ईमानदारी भी जरूरी है।20वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्रों के वितरण के साथ केंद्र सरकार ने भर्ती और कौशल विकास दोनों पर अपना फोकस दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी ने नवनियुक्त युवाओं से लगातार सीखने, तकनीक के साथ खुद को अपडेट रखने और आम नागरिक के लिए सरकारी व्यवस्था को आसान बनाने की अपील की। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक रोजगार मेला पहल के 20 संस्करणों के जरिए अब तक करीब 12.75 लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
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