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IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में परम प्रज्ञा सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित अत्याधुनिक AI-संचालित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन किया। इस सुविधा को संस्थान की उन्नत कंप्यूटिंग क्षमताओं को मजबूत करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस तथा बहुविषयक अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री के उद्घाटन के साथ ही IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में अत्याधुनिक कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, ‘परम प्रज्ञा’ सुविधा के माध्यम से संस्थान की AI, डेटा साइंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च से जुड़ी क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
Delhi: Prime Minister Narendra Modi inaugurated 'Param Pragya', an AI-powered high-performance supercomputing facility established at the Sonipat Campus of IIT Delhi, during the institute's 57th Convocation Ceremony pic.twitter.com/D98FEFYYPj
— IANS (@ians_india) August 8, 2026
AI और एडवांस्ड कंप्यूटिंग पर जोर
आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग का इस्तेमाल वैज्ञानिक अनुसंधान से लेकर उद्योग और सार्वजनिक सेवाओं तक तेजी से बढ़ रहा है। बड़े डेटा सेट का विश्लेषण, जटिल गणनाएं, मशीन लर्निंग मॉडल का प्रशिक्षण और वैज्ञानिक सिमुलेशन जैसे कार्यों के लिए अत्यधिक कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत होती है।
‘परम प्रज्ञा’ जैसी हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधा इस जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे शोधकर्ताओं को ऐसे जटिल प्रोजेक्ट पर काम करने में मदद मिलेगी, जिनके लिए सामान्य कंप्यूटर सिस्टम की तुलना में कहीं अधिक प्रोसेसिंग क्षमता की आवश्यकता होती है।
IIT दिल्ली में इस सुविधा के स्थापित होने से संस्थान में AI आधारित शोध और उन्नत तकनीकी प्रयोगों को विस्तार देने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
रिसर्च के नए अवसर खुलेंगे
PMO के अनुसार, ‘परम प्रज्ञा’ सुविधा का लाभ कई अलग-अलग क्षेत्रों में अनुसंधान करने वाले छात्रों और शोधकर्ताओं को मिल सकता है। AI और डेटा साइंस के अलावा एडवांस्ड कंप्यूटिंग तथा इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च में भी इसकी भूमिका महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है।
आज कई शोध परियोजनाएं ऐसी हैं जिनमें अलग-अलग विषयों के ज्ञान और तकनीक को एक साथ इस्तेमाल करना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, विज्ञान और डेटा विश्लेषण को एक साथ जोड़कर जटिल समस्याओं पर काम किया जाता है। हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग ऐसे अनुसंधान को आवश्यक तकनीकी आधार उपलब्ध करा सकती है।
छात्रों और शोधकर्ताओं को मिलेगा लाभ
IIT दिल्ली के छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए इस तरह की सुविधा का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उन्हें उन्नत कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच मिल सकेगी। इससे वे बड़े स्तर पर डेटा प्रोसेसिंग और कंप्यूटेशन से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम कर सकेंगे।
AI के क्षेत्र में मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए बड़ी मात्रा में डेटा और कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत होती है। बेहतर कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होने से ऐसे शोध कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।
इसके अलावा वैज्ञानिक सिमुलेशन, डेटा विश्लेषण और जटिल गणितीय मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में भी इस सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
देश में सुपरकंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने की दिशा में कदम
भारत में उच्च प्रदर्शन वाली कंप्यूटिंग सुविधाओं को बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। देश में वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को गति देने के लिए सुपरकंप्यूटिंग बुनियादी ढांचा महत्वपूर्ण माना जाता है।
IIT दिल्ली जैसे प्रमुख तकनीकी संस्थान में नई सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का जुड़ना देश के शोध एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है। इससे उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान को आवश्यक संसाधन मिल सकते हैं।
विशेष रूप से AI के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अत्याधुनिक कंप्यूटिंग सुविधाएं देश की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं।
उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच सहयोग की संभावना
हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग का उपयोग केवल शैक्षणिक शोध तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल उद्योग जगत में भी जटिल समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है। ऐसे में IIT दिल्ली की उन्नत कंप्यूटिंग क्षमता भविष्य में अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने का आधार बन सकती है।
AI, डेटा साइंस, इंजीनियरिंग डिजाइन, वैज्ञानिक मॉडलिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे नई तकनीकों और समाधानों के विकास की प्रक्रिया को गति मिल सकती है।
इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
‘परम प्रज्ञा’ सुविधा का एक महत्वपूर्ण पहलू इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च है। आधुनिक समय की कई बड़ी चुनौतियां किसी एक विषय तक सीमित नहीं हैं। जलवायु, ऊर्जा, स्वास्थ्य, परिवहन, शहरी विकास और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में कई विषयों को एक साथ जोड़कर समाधान तलाशने की जरूरत होती है।
हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग ऐसे शोध में बड़े डेटा सेट और जटिल मॉडल के इस्तेमाल को आसान बना सकती है। इससे अलग-अलग विभागों के शोधकर्ता साझा परियोजनाओं पर अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।
AI के बढ़ते दौर में महत्वपूर्ण पहल
AI का प्रभाव शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, वित्त, प्रशासन और विज्ञान सहित लगभग हर क्षेत्र में बढ़ रहा है। ऐसे समय में AI आधारित अनुसंधान के लिए मजबूत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना जरूरी हो गया है।
‘परम प्रज्ञा’ के उद्घाटन को इसी व्यापक बदलाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। यह सुविधा IIT दिल्ली को AI और एडवांस्ड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अपने शोध को और विस्तार देने में मदद कर सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में तकनीकी बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। आने वाले समय में इस सुविधा का इस्तेमाल किस तरह के शोध और तकनीकी परियोजनाओं में होता है, यह इसकी वास्तविक उपयोगिता को तय करेगा। हालांकि, AI, डेटा साइंस, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और बहुविषयक अनुसंधान के क्षेत्र में इसकी स्थापना से संस्थान की शोध क्षमता को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।





