दिल्ली-एनसीआर

कमानी ऑडिटोरियम में इलेषा का शानदार रंगप्रवेशम्

Saba Naaz
2 Aug 2026 6:34 PM IST
कमानी ऑडिटोरियम में इलेषा का शानदार रंगप्रवेशम्
x

नई दिल्ली। भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 15 वर्षीय इलेषा सिंह ने नई दिल्ली के प्रतिष्ठित कमानी ऑडिटोरियम में अपना पहला कुचिपुड़ी रंगप्रवेशम् प्रस्तुत किया। शनिवार, 1 अगस्त 2026 को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में इलेषा ने अपनी वर्षों की कठिन साधना, अनुशासन और कला के प्रति समर्पण का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों, शास्त्रीय नृत्य प्रेमियों और कला जगत से जुड़े कई गणमान्य लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कुचिपुड़ी रंगप्रवेशम् किसी भी नृत्यांगना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। यह वह अवसर होता है जब कलाकार वर्षों के प्रशिक्षण के बाद पहली बार एकल प्रस्तुति के रूप में मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करता है। इलेषा ने इस महत्वपूर्ण पड़ाव को बेहद आत्मविश्वास और कलात्मक निपुणता के साथ पूरा किया।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान वेंकटेश्वर की स्तुति से हुई। इलेषा ने सबसे पहले ‘वेंकटेश स्तोत्रम्’ प्रस्तुत किया, जिसमें भक्ति और समर्पण की भावनाओं को अपने भाव-भंगिमाओं और नृत्य मुद्राओं के माध्यम से दर्शाया। इसके बाद उन्होंने ‘दशावतारम्’ की प्रस्तुति दी, जिसमें भगवान विष्णु के दस अवतारों को आकर्षक अभिनय और कुचिपुड़ी की विशेष नृत्य शैलियों के जरिए जीवंत किया गया।

इसके बाद इलेषा ने ‘सांसों की माला’ नामक भावप्रधान प्रस्तुति दी, जिसमें भक्ति, प्रेम और विरह की भावनाओं को बेहद खूबसूरती से व्यक्त किया गया। उनकी भाव अभिव्यक्ति और नृत्य की लय ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। कार्यक्रम का समापन ‘शिव तरंगिणी’ प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने भगवान शिव की महिमा का प्रभावशाली चित्रण किया।

शिव तरंगिणी के दौरान इलेषा ने पीतल की थाली के किनारे पर नृत्य करते हुए अपनी तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। उनकी जटिल लय, संतुलन और पद संचालन को देखकर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया।

इलेषा सिंह ने मात्र साढ़े चार वर्ष की उम्र में कुचिपुड़ी नृत्य का प्रशिक्षण शुरू किया था। वह पद्म भूषण सम्मानित प्रसिद्ध गुरु डॉ. राजा रेड्डी, डॉ. राधा रेड्डी और श्रीमती कौशल्या रेड्डी की शिष्या हैं। इतने कम उम्र में रंगप्रवेशम् की उपलब्धि हासिल करना उनकी वर्षों की मेहनत और गुरुजनों के मार्गदर्शन का परिणाम है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। जयंत चौधरी ने इलेषा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यात्रा अनुशासन, मेहनत और भारतीय शास्त्रीय परंपराओं के प्रति गहरे लगाव का उदाहरण है। उन्होंने इलेषा की प्रस्तुति को परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया और उनके गुरुओं के योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला सहित कई राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र की हस्तियां शामिल हुईं।

इसके अलावा उद्योग जगत, मीडिया, फैशन और कला क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिष्ठित लोग भी इस आयोजन का हिस्सा बने। इनमें एचटी मीडिया की चेयरपर्सन शोभना भार्तिया, अपोलो हॉस्पिटल्स की संयुक्त प्रबंध निदेशक डॉ. संगीता रेड्डी और कई अन्य प्रमुख नाम शामिल रहे।

इलेषा सिंह का यह पहला कुचिपुड़ी रंगप्रवेशम् न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा के प्रति नई पीढ़ी की रुचि और समर्पण को भी दर्शाता है। उनकी प्रस्तुति ने यह साबित किया कि कम उम्र में भी निरंतर अभ्यास, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के जरिए बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

Next Story