- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- Health Ministry ने...
Health Ministry ने शुरुआती जांच को बढ़ावा देने के लिए थैलेसीमिया जागरूकता पोस्टर जारी किए

New Delhi: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में थैलेसीमिया स्क्रीनिंग पर जागरूकता के दो पोस्टर जारी किए। इससे थैलेसीमिया का जल्द पता लगाने और उसे रोकने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता फिर से जाहिर हुई। इन पोस्टरों को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आराधना पटनायक ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, मेडिकल एक्सपर्ट्स और थैलेसेमिक्स इंडिया व झपिएगो (Jhpiego) के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जारी किया।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, थैलेसेमिक्स इंडिया और झपिएगो के सहयोग से तैयार किए गए इन द्विभाषी (हिंदी और अंग्रेजी) पोस्टरों का मकसद किशोरों और गर्भवती महिलाओं को समय पर थैलेसीमिया स्क्रीनिंग के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वाहकों (कैरियर्स) की पहचान की जा सके और थैलेसीमिया मेजर वाले बच्चों के जन्म को रोकने में मदद मिल सके।
लॉन्च के मौके पर आराधना पटनायक ने कहा, "थैलेसीमिया स्क्रीनिंग एक सरल लेकिन असरदार पब्लिक हेल्थ उपाय है, जो इस आनुवंशिक रक्त विकार के बोझ को काफी हद तक कम कर सकता है। जागरूकता बढ़ाकर, हम नए मामलों को रोक सकते हैं और अगली पीढ़ी के लिए एक स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।" थैलेसेमिक्स इंडिया की सचिव शोभा तुली ने मंत्रालय को उनके लगातार सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और नेशनल हेल्थ मिशन और आयुष्मान भारत के तहत स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस और व्यापक देखभाल सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सर गंगा राम अस्पताल में पीडियाट्रिक ब्लड कैंसर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मानस कालरा ने कहा, "थैलेसीमिया मेजर को रोकने के लिए प्रसूति रोग विशेषज्ञों, स्त्री रोग विशेषज्ञों, फैमिली फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञों और हेमेटोलॉजी विशेषज्ञों के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। थैलेसीमिया बाल सेवा योजना पात्र बच्चों को कोल इंडिया CSR फंड के तहत 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता के माध्यम से जीवन रक्षक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की सुविधा दिलाने में मदद कर रही है।"
विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, नेशनल हेल्थ मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों, प्रमुख मेडिकल एक्सपर्ट्स और थैलेसेमिक्स इंडिया व झपिएगो के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उम्मीद है कि इस पहल से देश भर में जागरूकता मजबूत होगी और थैलेसीमिया की जल्द स्क्रीनिंग, समय पर इलाज और बेहतर रोकथाम को बढ़ावा मिलेगा।





