- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- चिकित्सा शिक्षा में...
चिकित्सा शिक्षा में हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर से मजबूत हो रहा स्वास्थ्य ढांचा : Nadda

New Delhi नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश की चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में केवल भौतिक ढांचे (हार्डवेयर) पर ही नहीं, बल्कि एक सक्षम और प्रभावी व्यवस्था (सॉफ्टवेयर) विकसित करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया है।
नई दिल्ली में स्थित Institute of Liver and Biliary Sciences (ILBS) के 10वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास के लिए दो प्रमुख स्तंभों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि “हार्डवेयर” से आशय उन विश्वस्तरीय अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सुविधाओं से है, जिनका निर्माण देश में तेजी से किया गया है। वहीं “सॉफ्टवेयर” का अर्थ उस नीतिगत ढांचे, शैक्षणिक माहौल और सक्षम व्यवस्था से है, जो डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित और सक्षम बनाता है।
नड्डा ने कहा कि किसी भी देश की स्वास्थ्य प्रणाली की वास्तविक ताकत केवल बड़े अस्पतालों या संस्थानों के निर्माण से नहीं आंकी जा सकती, बल्कि इस बात से तय होती है कि वहां ऐसा वातावरण कितना विकसित हुआ है, जिसमें उत्कृष्टता को बढ़ावा मिले और स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार इसी दिशा में काम कर रही है ताकि स्वास्थ्य क्षेत्र अधिक प्रभावी, आधुनिक और सुलभ बन सके।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, सीटों की संख्या में वृद्धि और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे में सुधार सरकार की प्राथमिकता रही है। इसके साथ ही चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने और नई तकनीकों के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
दीक्षांत समारोह के दौरान नड्डा ने नव-दीक्षित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की भूमिका केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने और नई चिकित्सा तकनीकों को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के कई विशेषज्ञ, शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे। इस दौरान संस्थान की उपलब्धियों और लिवर एवं पित्त विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान कार्यों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि संस्थान देश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
नड्डा ने यह भी कहा कि भारत की स्वास्थ्य नीति का उद्देश्य केवल उपचार व्यवस्था को मजबूत करना नहीं है, बल्कि रोकथाम, शोध और स्वास्थ्य शिक्षा को भी समान रूप से आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली के लिए सभी घटकों का संतुलित विकास आवश्यक है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और अधिक सशक्त होगी और देश वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
इस अवसर पर स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भी चिकित्सा शिक्षा में हो रहे बदलावों और नई तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करने और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ किया गया।





