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Gurugram: पुलिस ने फर्जी चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत चार ठगों को दबोचा

गुरुग्राम: साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस टीम ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से स्टॉक मार्केट में निवेश कराकर ठगी करने के मामले में संलिप्त फर्जी सीए सहित चार आरोपी ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) से गिरफ्तार किए हैं। चारों आरोपी लोगों को रुपये कमाने का लालच देकर झांसे में लेते थे और रुपये निवेश कराकर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों से चार मोबाइल भी बरामद किए हैं।
आरोपियों की पहचान ऊधम सिंह (उत्तराखंड) के गदरपुर शहर निवासी आलोक शर्मा, ध्रुव चावला, मोहम्मद सुजात और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान ने बताया कि मामले में ठगी गई राशि में से तीन लाख रुपये आरोपी आलोक शर्मा के बैंक खाते में आए थे। आरोपी आलोक शर्मा का यह बैंक खाता आरोपी ध्रुव चावला ने फर्जी चार्टर्ड अकाउंटेंट (फर्जी सीए) बनकर खुलवाया था। इसके बाद आरोपी आलोक शर्मा ने यह बैंक खाता 40 हजार रुपये में आरोपी ध्रुव चावला को बेचा था।
आरोपी ध्रुव चावला ने यह बैंक खाता 20 हजार रुपये में मुहम्मद सुजात को बेचा था। मोहम्मद सुजात ने बैंक खाता आरोपी अमनप्रीत को 25 हजार रुपये में बेच दिया था। वहीं, आरोपी अमनप्रीत ने बैंक खाते को 25 हजार रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को टेलीग्राम के माध्यम से बेचा था। पुलिस मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है ताकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके। 16 मई को एक व्यक्ति ने साइबर अपराध थाना पश्चिम में दी शिकायत में बताया था कि स्टॉक मार्केट में निवेश करके रुपये कमाने का लालच देकर उसके साथ धोखाधड़ी की गई है।
जालसाजों ने क्रेडिट कार्ड से ट्रांसफर किए 1.90 लाख रुपये, पीड़ित युवक के पास रखा था क्रेडिट कार्ड, नहीं आया कोई ओटीपी
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना मानेसर क्षेत्र में जालसाजों ने एक युवक के क्रेडिट कार्ड से 1.90 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए जबकि क्रेडिट कार्ड युवक के पास ही रखा था और न ही उसके मोबाइल पर कोई ओटीपी आया। पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-81 निवासी मुकुल भाटिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पास इंडसइंड बैंक का क्रेडिट कार्ड है और उसकी तीन लाख रुपये की लिमिट है। 22 मई की दोपहर को वह घर पर था और उसका क्रेडिट कार्ड भी उसके पास ही था।
इसी दौरान उसके पास क्रेडिट कार्ड से रुपये कटने के मैसेज आने लगे। 10 मिनट के दौरान ही उसके क्रेडिट कार्ड से 1.90 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन हो गई जबकि उसने अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी व्यक्ति से साझा नहीं की और न ही उसने किसी लिंक पर क्लिक किया। वहीं, उसके पास कोई ओटीपी भी नहीं आया।





