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PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी, EPFO शुरू करेगा नई सेवाएं

Ratna Netam
31 Oct 2026 6:58 PM IST
PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी, EPFO शुरू करेगा नई सेवाएं
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नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) रविवार, 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में अपना 74वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया समारोह का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में कर्मचारियों, नियोक्ताओं और पेंशनधारकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण डिजिटल और प्रशासनिक पहलों की शुरुआत की जाएगी। इनमें निष्क्रिय भविष्य निधि खातों का स्वतः निपटान और व्हाट्सएप के माध्यम से ईपीएफओ सेवाओं की उपलब्धता जैसी पहलें प्रमुख हैं।इस समारोह में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय न्यासी बोर्ड (Central Board of Trustees) के सदस्य, ईपीएफओ के अधिकारी और कर्मचारी, नियोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि, श्रमिक तथा अन्य हितधारक शामिल होंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है, ताकि देशभर के करोड़ों कर्मचारियों को भविष्य निधि से जुड़ी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
1,000 रुपये तक की राशि वाले निष्क्रिय खातों का होगा स्वतः निपटान
स्थापना दिवस के अवसर पर शुरू की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण पहलों में निष्क्रिय ईपीएफ खातों का स्वतः निपटान शामिल है। इस व्यवस्था के तहत ऐसे पात्र निष्क्रिय भविष्य निधि खातों का निपटान किया जाएगा, जिनमें 1,000 रुपये तक की शेष राशि मौजूद है।ईपीएफओ की इस पहल का उद्देश्य छोटे शेष वाले निष्क्रिय खातों के निपटान की प्रक्रिया को आसान बनाना है। कई बार नौकरी बदलने, रोजगार छोड़ने या लंबे समय तक खाते में कोई गतिविधि नहीं होने के कारण कर्मचारियों की छोटी राशि पुराने भविष्य निधि खातों में पड़ी रह जाती है।ऐसे खातों के निपटान में सदस्यों को दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं का सामना करना पड़ सकता है। नई स्वचालित व्यवस्था से पात्र खातों के निपटान में लगने वाला समय और प्रशासनिक कार्यभार कम होने की उम्मीद है।हालांकि, किन परिस्थितियों में खाते को इस सुविधा के लिए पात्र माना जाएगा, भुगतान किस प्रक्रिया से होगा और सदस्यों को क्या औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक दिशानिर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
व्हाट्सएप के जरिए मिलेंगी EPFO की सेवाएं
ईपीएफओ स्थापना दिवस के मौके पर व्हाट्सएप आधारित सेवाओं की शुरुआत भी की जाएगी। इस पहल से कर्मचारियों और पेंशनधारकों को संगठन की सेवाओं तक पहुंचने का एक अतिरिक्त डिजिटल माध्यम मिलेगा।इससे पहले ईपीएफओ ने सदस्यों को महत्वपूर्ण सूचनाएं और अपडेट देने के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल शुरू किया था। अब प्रस्तावित नई सेवा के जरिए सदस्यों की सहायता और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर रहेगा। हालांकि, व्हाट्सएप पर कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, इसकी पूरी जानकारी औपचारिक शुरुआत के बाद सामने आएगी।
आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे पहुंचेगी राशि
ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने पहले ही निष्क्रिय खातों में जमा छोटी राशि के स्वचालित निपटान के लिए पायलट परियोजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत पात्र सदस्यों के आधार से जुड़े और ईपीएफओ में पंजीकृत बैंक खातों में सीधे राशि भेजने की व्यवस्था प्रस्तावित है।इस प्रक्रिया में पात्र सदस्यों को नए दावे या अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खातों में जमा धनराशि संबंधित सदस्यों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। हालांकि, केवल नौकरी बदलने या कुछ वर्षों तक पीएफ अंशदान नहीं होने से हर खाता स्वतः निष्क्रिय नहीं माना जाता।
भविष्य निधि पुरस्कार 2026 से होगा सम्मान
स्थापना दिवस समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया 'भविष्य निधि पुरस्कार 2026' भी प्रदान करेंगे। इन पुरस्कारों के माध्यम से ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालयों, जोनल कार्यालयों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।इसका उद्देश्य संगठन में बेहतर कार्यप्रणाली, सेवाओं की गुणवत्ता और कर्मचारियों के योगदान को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण भी करेंगे। इसके अलावा संस्थागत प्रशिक्षण, कानूनी जागरूकता, ज्ञानवर्धन और संवेदनशील प्रशासन से संबंधित प्रकाशनों का विमोचन किया जाएगा।
करीब 8 करोड़ सक्रिय अंशदायी सदस्यों तक पहुंचा EPFO
देश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2014-15 में ईपीएफओ के अंशदान करने वाले सदस्यों की संख्या करीब 3.49 करोड़ थी। यह संख्या 16 सितंबर 2026 तक बढ़कर लगभग 7.98 करोड़ पहुंच गई।इस अवधि में अंशदायी सदस्यों की संख्या में करीब 4.49 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर 2026 तक लगभग 7.68 लाख प्रतिष्ठान ईपीएफओ में अंशदान कर रहे थे। ये आंकड़े देश में संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की बढ़ती पहुंच को दर्शाते हैं।
कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा पर रहेगा जोर
ईपीएफओ देश के संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और संबंधित सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराने वाली प्रमुख संस्था है। कर्मचारियों और नियोक्ताओं के अंशदान से तैयार होने वाली भविष्य निधि नौकरी छोड़ने, सेवानिवृत्ति तथा अन्य पात्र परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान करती है।संगठन पिछले कुछ वर्षों से डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन दावों के निपटान, केवाईसी प्रक्रिया और शिकायत समाधान को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। अब छोटे निष्क्रिय खातों के स्वचालित निपटान और व्हाट्सएप आधारित सेवाओं को इसी प्रक्रिया का अगला कदम माना जा रहा है।ईपीएफओ के 74वें स्थापना दिवस पर होने वाला कार्यक्रम केवल संगठन की उपलब्धियों का उत्सव नहीं होगा, बल्कि भविष्य की सेवा व्यवस्था को अधिक सरल और कर्मचारी-केंद्रित बनाने की दिशा में नई पहलों का मंच भी बनेगा। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों की वर्षों की मेहनत से जमा राशि को सुरक्षित रखना और पात्र सदस्यों तक उसका लाभ समय पर पहुंचाना है।
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