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Miyawaki पद्धति से विकसित होगा गाजियाबाद का ग्रीन लंग्स

Ghaziabad गाजियाबाद : शहर को हरित, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। विजयनगर क्षेत्र में स्थित 48 एकड़ आर्मी भूमि को ‘ग्रीन लंग्स ऑफ गाजियाबाद’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत मियावकी पद्धति से करीब 7 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जिससे शहर में हरित क्षेत्र बढ़ेगा और वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सोमवार को अधिकारियों की टीम के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की तैयारियों का जायजा लिया और उद्यान विभाग के अधिकारियों को सभी कार्य तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना गाजियाबाद को पर्यावरण के लिहाज से अधिक सुरक्षित और संतुलित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
नगर निगम के अनुसार, पौधारोपण से पहले भूमि को पूरी तरह तैयार किया जा रहा है। स्थल से कूड़ा-कचरा और अन्य अवांछित सामग्री हटाई जा रही है। इसके साथ ही ट्रैक्टरों और अन्य मशीनों की मदद से जमीन की गहरी जुताई का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है, ताकि पौधों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो सके।इस परियोजना में मियावकी पद्धति का उपयोग किया जाएगा, जिसके तहत कम क्षेत्र में अधिक घनत्व के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाते हैं। इस तकनीक से तैयार जंगल पारंपरिक पौधारोपण की तुलना में तेजी से विकसित होते हैं और पर्यावरण संरक्षण में अधिक प्रभावी भूमिका निभाते हैं। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने, तापमान नियंत्रित रखने और जैव विविधता को बढ़ावा देने में भी मदद मिलती है।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधारोपण के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल और सिंचाई की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें विकसित कर घने हरित क्षेत्र में बदलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।नगर निगम का मानना है कि ‘ग्रीन लंग्स ऑफ गाजियाबाद’ परियोजना पूरी होने के बाद शहर को एक बड़ा हरित क्षेत्र मिलेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों को स्वच्छ हवा और बेहतर प्राकृतिक वातावरण का लाभ मिलेगा।





