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चिकन और गरम मसालों पर भी नजर FSSAI ने शुरू की सख्त कार्रवाई

Ratna Netam
29 Aug 2026 6:59 PM IST
चिकन और गरम मसालों पर भी नजर FSSAI ने शुरू की सख्त कार्रवाई
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नई दिल्ली। देश की प्रमुख मसाला कंपनियों में शामिल **Everest Food Products** को बड़ा झटका लगा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (**FSSAI**) ने एवरेस्ट की हींग (Compound Hing) की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। जांच में उत्पादों के तय गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
FSSAI की जांच में एवरेस्ट की हींग के कुछ नमूनों को **सब-स्टैंडर्ड (मानक से कम)** और **मिसब्रांडेड (गलत लेबलिंग)** पाया गया। इसके बाद कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है और सुधारात्मक कदमों की जानकारी देने को कहा गया है।
हींग में क्या मिली कमी?
FSSAI की जांच के अनुसार, एवरेस्ट की कंपाउंड हींग के कुछ नमूनों में **अल्कोहल-सॉल्यूबल एक्सट्रैक्ट** निर्धारित मानकों से कम पाया गया। खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार कंपाउंड हींग में इस तत्व की एक तय मात्रा होना जरूरी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ नमूनों में यह स्तर निर्धारित न्यूनतम सीमा से काफी कम मिला। इसी वजह से नियामक संस्था ने बिक्री पर रोक लगाने का फैसला लिया।
FSSAI ने कहा है कि यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक कंपनी नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं करती और जरूरी सुधारात्मक कार्रवाई नहीं करती।
बाजार से वापस मंगाए जा सकते हैं उत्पाद
FSSAI ने कंपनियों को बाजार में मौजूद ऐसे उत्पादों को स्वेच्छा से वापस लेने की सलाह भी दी है, जो तय मानकों पर खरे नहीं उतरते।
खाद्य सुरक्षा एजेंसी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं तक केवल सुरक्षित और गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद ही पहुंचें।
चिकन मसाला और गरम मसाले पर भी सवाल
FSSAI की जांच में एवरेस्ट के कुछ अन्य मसाला उत्पादों में भी नियमों का पालन नहीं मिलने की बात सामने आई है। इनमें **एग करी मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला** शामिल हैं।
हालांकि इन तीनों उत्पादों पर अभी बिक्री प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन कंपनी को इनकी गुणवत्ता और मानकों को लेकर जवाब देना होगा।
कंपनी से मांगा गया जवाब
FSSAI ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स से पूछा है कि उत्पादों में मिली कमियों को दूर करने के लिए कंपनी क्या कदम उठा रही है।
कंपनी को अपनी उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता जांच और भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो इसके लिए तैयार किए गए एक्शन प्लान की जानकारी देनी होगी।
एवरेस्ट मसालों पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
एवरेस्ट भारत के सबसे लोकप्रिय मसाला ब्रांडों में से एक है। इसके उत्पाद देश के अलावा कई विदेशी बाजारों में भी बिकते हैं।
हालांकि इससे पहले भी भारतीय मसाला ब्रांडों की गुणवत्ता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ चुके हैं। साल 2024 में कुछ विदेशी नियामकों ने भारतीय मसालों में कथित रूप से एथिलीन ऑक्साइड को लेकर जांच और कार्रवाई की थी, जिसके बाद भारत में भी मसाला उत्पादों की जांच बढ़ाई गई थी।
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदते समय उपभोक्ताओं को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए—
* पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें
* एक्सपायरी डेट जांचें
* खुले और बिना लेबल वाले मसाले खरीदने से बचें
* शिकायत होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को जानकारी दें
खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ी
पिछले कुछ समय में FSSAI ने खाद्य कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। गलत दावे, घटिया गुणवत्ता और नियमों का उल्लंघन करने वाले उत्पादों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
खाद्य नियामक का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मानकों से समझौता करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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