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मुश्किल वक्त में दोस्ती निभा रहा भारत नेपाल ने की मदद की तारीफ
Ratna Netam
29 Aug 2026 6:53 PM IST

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काठमांडू। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने एक बार फिर पड़ोसी धर्म निभाते हुए मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री, बचाव दल और मानवीय सहायता को लेकर नेपाल में सराहना हो रही है। संकट की इस घड़ी में भारत के सहयोग को देखते हुए नेपाल के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार जताया है।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, कई परिवार बेघर हो गए हैं और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे मुश्किल समय में भारत ने तेजी से राहत और बचाव अभियान शुरू किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बातचीत कर हर संभव मदद का भरोसा दिया। ([PM India][2])
भारत की मदद से नेपाल में जगी उम्मीद
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत ने मानवीय सहायता के तौर पर राहत सामग्री भेजी। इसमें जरूरी दवाएं, आपदा राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं। भारत ने शुरुआती चरण में 10 टन राहत सामग्री भेजी थी, जिसके बाद सहायता का दायरा और बढ़ाया गया।
भारत की ओर से भेजी गई सहायता में बचाव उपकरण, मेडिकल सामग्री और प्रभावित लोगों के लिए जरूरी वस्तुएं शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय विशेषज्ञ टीमें भी राहत अभियान में सहयोग कर रही हैं।
PM मोदी ने दिया हर संभव मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई जनहानि पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं।
पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है और भारतीय टीमें नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर रही हैं।
नेपाल के नेताओं ने जताया आभार
भारत की त्वरित मदद को लेकर नेपाल की ओर से धन्यवाद दिया गया है। नेपाल के नेताओं ने कहा कि संकट के समय भारत का सहयोग दोनों देशों के पुराने रिश्तों को दर्शाता है।
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी भारत की सहायता और एकजुटता की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में मिले सहयोग से दोनों देशों के बीच आपसी संबंध और मजबूत होते हैं।
विदेश मंत्री भी हुए भावुक
नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत की मदद और सहयोग को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आपदा के समय पड़ोसी देश भारत जिस तरह से आगे आया है, वह बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने भारत के साथ नेपाल के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय मिलने वाली मदद दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत बनाती है।
भारत-नेपाल के रिश्तों की नई तस्वीर
भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। दोनों देशों की खुली सीमा और लोगों के बीच मजबूत जुड़ाव रहा है।
प्राकृतिक आपदाओं के समय दोनों देशों के बीच सहयोग की मिसाल पहले भी देखने को मिली है। वर्ष 2015 के नेपाल भूकंप के दौरान भी भारत ने बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाया था।
इस बार बाढ़ की त्रासदी में भी भारत ने तेजी से कदम उठाकर अपनी मानवीय भूमिका निभाई है।
बचाव अभियान में जुटी भारतीय टीमें
नेपाल में राहत और बचाव कार्यों के लिए भारतीय टीमें लगातार काम कर रही हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के बीच लोगों तक सहायता पहुंचाना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
भारतीय बचाव दलों के अनुभव और तकनीकी क्षमता से प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने में मदद मिल रही है।
आपदा के बाद पुनर्निर्माण बड़ी चुनौती
बाढ़ का पानी कम होने के बाद नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुनर्निर्माण की होगी। हजारों लोगों के घर, रोजगार और जरूरी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं।
ऐसे में केवल तत्काल राहत ही नहीं बल्कि लंबे समय तक सहायता और पुनर्वास की जरूरत होगी। भारत सहित कई देश नेपाल की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
मानवीय रिश्तों की मिसाल
नेपाल की त्रासदी के बीच भारत की सहायता को दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक मतभेदों से अलग हटकर आपदा के समय इंसानियत को प्राथमिकता देना इस सहयोग की सबसे बड़ी विशेषता है।
संकट की घड़ी में एक पड़ोसी का साथ कितना महत्वपूर्ण होता है, नेपाल में आई बाढ़ के दौरान भारत की भूमिका इसे दिखाती है।
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