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न्यू सीमापुरी में चार मंजिला इमारत ढही 7 लोगों का रेस्क्यू

Ratna Netam
7 Oct 2026 7:53 PM IST
न्यू सीमापुरी में चार मंजिला इमारत ढही 7 लोगों का रेस्क्यू
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नई दिल्ली। दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार को ईदगाह मछली मंडी के पास एक चार मंजिला रिहायशी इमारत गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव एजेंसियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर अभियान शुरू किया। अब तक सात लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, बचाए गए सभी लोग खतरे से बाहर हैं, जबकि घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, नगर निगम, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबा हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों को तलाशने के लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। मौके पर एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके।
शाहदरा के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि गिरी हुई इमारत चार मंजिला थी। उन्होंने कहा कि अब तक सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है और सभी की हालत खतरे से बाहर है। पुलिस और राहत एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मलबे में कोई और व्यक्ति फंसा है या नहीं।
इमारत गिरते ही आसपास मौजूद स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए। शुरुआती स्तर पर स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में मदद की, जिसके बाद प्रशासनिक और आपातकालीन सेवाओं ने पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेकर व्यवस्थित बचाव अभियान शुरू किया। सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही भी नियंत्रित की गई है।
राहत अभियान में मशीनों की तैनाती से मलबे को तेजी से हटाने की कोशिश की जा रही है। चार मंजिला इमारत गिरने के कारण बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। ऐसे में बचाव दल सावधानी से काम कर रहे हैं ताकि यदि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति फंसा हो तो उसे नुकसान न पहुंचे।
दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारी मलबे के अलग-अलग हिस्सों की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा पुलिस और MCD अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। सभी एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन को आगे बढ़ाया जा रहा है।
अधिकारियों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति के मलबे में फंसे होने की स्थिति में उसे जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। बचाए गए सात लोगों को प्राथमिक चिकित्सा दी गई है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
हादसे के बाद इलाके में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल देखा गया। आसपास के मकानों में रहने वाले कई लोग बाहर निकल आए। प्रशासन की टीमें आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क हैं, क्योंकि बड़ी संरचना गिरने के बाद नजदीकी भवनों पर भी असर पड़ने की आशंका की जांच करना जरूरी होता है।
फिलहाल इमारत गिरने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि भवन के ढहने के पीछे संरचनात्मक कमजोरी, निर्माण से जुड़ी कोई समस्या या कोई अन्य कारण था। प्रशासन की ओर से संबंधित रिकॉर्ड और भवन की स्थिति की भी जांच किए जाने की संभावना है।
न्यू सीमापुरी का यह इलाका घनी आबादी वाला है और ईदगाह मछली मंडी के आसपास सामान्य दिनों में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। राहत एजेंसियों को काम करने में आसानी हो, इसके लिए क्षेत्र को सुरक्षित घेरा बनाकर नियंत्रित किया गया है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय इमारत में कुल कितने लोग मौजूद थे। यदि भवन में रहने वाले सभी लोगों की जानकारी मिल जाती है तो बचाव अभियान को अधिक सटीक तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
चार मंजिला इमारत के मलबे को हटाना आसान काम नहीं है। बड़े कंक्रीट स्लैब, लोहे के सरिए और अन्य निर्माण सामग्री के बीच किसी व्यक्ति की तलाश बेहद सावधानी से करनी पड़ती है। यही कारण है कि बचाव दल मशीनों के साथ-साथ मैनुअल तरीके से भी मलबे की जांच कर रहे हैं।
MCD के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और भवन से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान यह देखा जा सकता है कि इमारत की उम्र कितनी थी, उसका निर्माण किस तरह किया गया था और उसमें किसी तरह का बदलाव या अतिरिक्त निर्माण हुआ था या नहीं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। घनी आबादी वाले इलाकों में पुरानी और संकरी इमारतों की नियमित जांच को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि इस विशेष मामले में भवन गिरने के वास्तविक कारण का पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा।
अधिकारियों ने लोगों से घटनास्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाने की अपील की है, ताकि राहत और बचाव दल बिना रुकावट अपना काम कर सकें। रेस्क्यू टीमों की कोशिश है कि मलबे के हर हिस्से की जांच पूरी होने तक अभियान जारी रखा जाए।
अब तक सात लोगों को सुरक्षित बचाया जाना राहत की बड़ी खबर है। DCP राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक, सभी सात लोग खतरे से बाहर हैं। इसके बावजूद प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और मलबे की पूरी तलाशी ली जा रही है।
घटनास्थल पर एम्बुलेंस, दमकल कर्मी, पुलिस, MCD अधिकारी और अन्य एजेंसियों की मौजूदगी के बीच राहत अभियान लगातार जारी है। प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे के समय इमारत में कितने लोग मौजूद थे और चार मंजिला भवन के गिरने का वास्तविक कारण क्या था।
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