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ब्लैक सी में बढ़े हमले भारत ने कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा मांगी

Ratna Netam
7 Oct 2026 7:49 PM IST
ब्लैक सी में बढ़े हमले भारत ने कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा मांगी
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नई दिल्ली। भारत ने ब्लैक सी क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर हाल में हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाया जाना न केवल समुद्री कर्मियों की जान खतरे में डालता है, बल्कि वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी असर डाल सकता है। भारत ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन संघर्ष समेत जारी टकरावों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील दोहराई है।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को नियमित प्रेस ब्रीफिंग में ब्लैक सी क्षेत्र में हाल के हमलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक-दो दिनों के दौरान कमर्शियल जहाजों से जुड़ी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने समुद्री मार्गों से गुजरने वाले नागरिक जहाजों और उनके क्रू की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सबसे गंभीर घटनाओं में कमर्शियल जहाज **MV Royad Mammadov** पर हुआ हमला शामिल है। इस जहाज पर तीन भारतीय नागरिक भी सवार थे। भारतीय विदेश मंत्रालय और रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक तीनों भारतीय सुरक्षित हैं। इनमें से एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है और उसका इलाज चल रहा है। भारतीय दूतावास ने बताया कि वह अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
हमले में दो विदेशी समुद्री कर्मचारियों की मौत भी हुई। घायल क्रू मेंबर्स को रोमानियाई अधिकारियों की मदद से सुरक्षित निकाला गया और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। भारत ने इस कार्रवाई के लिए रोमानिया के अधिकारियों का आभार जताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत कमर्शियल शिपिंग और समुद्री कर्मियों पर हो रहे हमलों को गंभीर चिंता के साथ देख रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में यातायात को निशाना बनाने से वैश्विक व्यापार प्रभावित होता है और दुनिया भर के लोगों के हितों पर असर पड़ता है।
भारत ने स्पष्ट किया है कि समुद्री मार्गों और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी है। मौजूदा संघर्षों के बीच नागरिक और वाणिज्यिक जहाजों का निशाना बनना चिंता का विषय है। नई दिल्ली ने सभी पक्षों से संयम बरतने और समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत लंबे समय से युद्ध और संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत तथा कूटनीति का समर्थन करता रहा है। ब्लैक सी में सामने आए ताजा घटनाक्रम के बाद भारत ने फिर दोहराया कि जारी संघर्षों का समाधान केवल संवाद और राजनयिक प्रयासों के माध्यम से किया जाना चाहिए।
ब्लैक सी रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से लगातार संवेदनशील समुद्री क्षेत्र बना हुआ है। यहां से अनाज, खाद्य सामग्री और अन्य सामान लेकर बड़ी संख्या में कमर्शियल जहाज गुजरते हैं। ऐसे में जहाजों पर हमलों का प्रभाव केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और खाद्य आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
**MV Royad Mammadov** पर हमले के बाद यूक्रेन ने इसके लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि भारत ने अपने आधिकारिक बयान में किसी पक्ष को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा पर जोर दिया है। भारत का रुख रहा है कि नागरिकों और वाणिज्यिक गतिविधियों को संघर्ष का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
रणधीर जायसवाल ने अन्य जहाजों से जुड़ी घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग से जुड़ी कई घटनाएं सामने आने के कारण स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। अलग-अलग रिपोर्टों में **Alfa Watan** और **MV ABLE** जैसे जहाजों पर हमलों का भी उल्लेख किया गया है। इन घटनाओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
भारत की चिंता का एक बड़ा कारण विदेशी जहाजों पर बड़ी संख्या में काम करने वाले भारतीय समुद्री कर्मचारी भी हैं। भारतीय नागरिक दुनिया के कई प्रमुख समुद्री मार्गों पर कमर्शियल जहाजों में काम करते हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि जहां भी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होती है, वहां भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हैं।
भारत ने सितंबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान लाइबेरिया के साथ मिलकर 25 देशों का **Group of Friends on Safety and Security of Shipping and Seafarers** भी शुरू किया था। इसका उद्देश्य कमर्शियल जहाजों और समुद्री कर्मचारियों को लक्षित हमलों से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा घटनाएं इस बात को रेखांकित करती हैं कि समुद्री सुरक्षा केवल किसी एक देश का विषय नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर असुरक्षा का सीधा असर व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति, खाद्य वस्तुओं की आवाजाही और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
ब्लैक सी में बढ़ते तनाव के बीच भारत लगातार अपने नागरिकों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है। रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास ने MV Royad Mammadov से बचाए गए तीनों भारतीय नागरिकों से संपर्क किया है। भारतीय राजदूत मनोज मोहापात्रा ने अस्पताल में भर्ती भारतीयों से बातचीत की और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिया।
भारत ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच दोहरा संदेश दिया है—पहला, कमर्शियल जहाजों और समुद्री कर्मियों को निशाना बनाना तत्काल बंद होना चाहिए और दूसरा, जारी संघर्षों का स्थायी समाधान सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और कूटनीति से निकाला जाना चाहिए।
ब्लैक सी की ताजा घटनाओं ने एक बार फिर नागरिक समुद्री यातायात की सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय एजेंडे के केंद्र में ला दिया है। भारत ने साफ किया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ वैश्विक समुद्री व्यापार की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही का समर्थन करता रहेगा।
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